पर्यटन सीजन चरम पर है, लेकिन नगर में व्याप्त तमाम अव्यवस्थाओं के चलते सैलानी नगरी की साख पर बट्टा लग रहा है। एक ओर जहां सफाई व्यवस्था फिर पटरी से उतर चुकी है, वहीं नगर में जाम के चलते लोगों का जीना दूभर हो रहा है। बुधवार दोपहर स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस आधा घंटा जाम में फंसी रही। हालांकि उस वक्त एंबुलेंस में मरीज नहीं थे, लेकिन स्वास्थ्य जैसी जरूरी सेवाओं में व्यवधान कहीं न कहीं सवाल तो खड़े कर ही रहा है।
पर्यटन नगरी के नाम से मशहूर रानीखेत में गर्मियों में पर्यटकों की भरमार रहती है। देशी विदेशी सैलानियों का यहां तांता लगा हुआ है, लेकिन में व्याप्त तमाम अव्यवस्थाओं के चलते पर्यटक कड़वे अनुभव लेकर लौटते हैं। नगर की सफाई व्यवस्था फिर पटरी से उतरने लगी है। सुभाष चौक सहित तमाम स्थानों पर मूत्रालय फिर गंदगी से पट चुके हैं।
तीव्र बदबू के चलते लोगों का आसपास खड़े होना दूभर हो रहा है। कई स्थानों पर गंदगी सड़कों पर बह रही है, लेकिन इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पर्यटक दिन भर बाजार में चहलकदमी करते हैं। दूसरी तरफ यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। ठोस कार्ययोजना के अभाव में आए दिन नगर में जाम लग जा रहा है। बुधवार की अपराह्न यहां गांधी चौक से लेकर सुभाष चौक तक आधा घंटा जाम लगा रहा, लेकिन इस बीच पुलिस अथवा यातायात पुलिस के लोग वहां नहीं थे। गांधी चौक के समीप एक कार स्वामी सड़क पर वाहन खड़ा कर कहीं लापता हो गए, जिससे जाम लग गया।
जाम में स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस आधा घंटा फंसी रही, हालांकि कोई मरीज उस वक्त नहीं था, अलबत्ता जरूरी सेवाओं का इस तरह से जाम में फंसना भविष्य के लिए बड़ी चूक साबित हो सकती है। इधर व्यापार मंडल सहित तमाम संगठनों ने पुलिस प्रशासन से अव्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की मांग की है।