डीएम सविन बंसल ने राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी) चयन प्रक्रिया के लिए तैनात सन्निरीक्षा अधिकारियों के कक्षों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में डीएम ने पाया कि अधिकारियों ने उपलब्ध कराए गए शासनादेशों, नियमों, निर्देशों का अध्ययन नहीं किया है। इस पर डीएम ने कहा कि यह स्थिति खेदजनक है। आवेदन पत्रों की जांच पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी।
डीएम ने कहा कि सभी अधिकारी राजपत्रित, महत्वपूर्ण पदों पर तैनात हैं। इसके बावजूद इनसे इस प्रकार की लापरवाही की अपेक्षा नहीं की जा सकती। आवेदन पत्रों की जांच का कार्य काफी संवेदनशील, महत्वपूर्ण है। अधिकारी दायित्वों का निर्वहन तत्परता, कड़ी मेहनत से करें। इसमें लापरवाही सहन नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया के लिए जारी शासनादेश के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करवाने के लिए मॉनीटरिंग समिति गठित की गई है। इसमें सीडीओ प्रकाश चंद्र, एसडीएम अनिल चन्याल, रिंकू बिष्ट, उप निदेशक अर्थ संख्याधिकारी इला पंत शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कमेटी प्रत्येक सन्निरीक्षा अधिकारी और उसके अनुभाग का नियमित निरीक्षण करेगी। आवेदन पत्रों के बारे में संज्ञान में लाई जाने वाली शंकाओं का निराकरण मौके पर ही किया जाएगा।
जांच के बाद निरस्त श्रेणी के प्रत्येक आवेदन पत्र की जांच कमेटी करेगी। प्रतिदिन नियमित जांच के बाद शाम 5:30 से 6:30 बजे तक अपनी दैनिक आख्या व्यक्तिगत रूप से अवगत कराएंगे। डीएम ने कहा कि मॉनीटरिंग कमेटी सन्निरीक्षा अधिकारियों के साथ अधिकृत स्टाफ को ही कक्षों में बैठने की अनुमिति देंगे। सन्निरीक्षा अधिकारी के साथ केवल दो कंप्यूटर ऑपरेटर ही अनुमन्य होंगे। यदि कोई अनधिकृत व्यक्ति, स्टाफ कक्ष में गया तो कठोर कार्रवाई होगी।