अल्मोड़ा/रानीखेत। अग्निशमन दल की टीम ने कोसी के पास बजवाण गांव के जंगलों में लगी को बुझा दिया। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
बजवाण के जंगलों में लगी आग बढ़ते ही जा रही थी। पहले तो ग्रामीणों ने स्वयं से ही आग पर नियंत्रण करने की कोशिश की लेकिन जब स्थिति नहीं संभली तो तुरंत इसकी सूचना अग्निशमन दल को दी गई। सूचना मिलने पर लीडिंग फायर मैन कुंवर सिंह राणा के नेेतृत्व में आग पर काबू पाया गया।
इधर रानीखेत क्षेत्र में भी जंगलों में आग लगने का सिलसिला जारी है। अधिकतर जंगल जल चुके हैं लेकिन वन विभाग लाचार बना हुआ है। ताड़ीखेत ब्लॉक के गनियादियोली का जंगल राख हो चुका है। पन्याली पिलखोली के जंगल में चीड़ के पेड़ों ने आग पकड़ ली है।
कौसानी में जंगल की आग से तीन गोशालाएं जलीं
कौसानी/बागेश्वर। जिले में जंगल की आग थमने का नाम नहीं ले रही है। कौसानी में वनाग्नि की चपेट में आने से तीन ग्रामीणों की गौशाला जलकर खाक हो गई। वहीं आग से क्षेत्र के भाटकोट, रुद्राधारी और कौसानी वन पंचायत के जंगल भी धधक रहे हैं।
कौसानी के डोबा ग्राम सभा के चानकोट तोक में जगदीश राम, खीम राम और नारायण राम की गोशालाएं जल गईं। ग्रामीणों का कहना है कि आग ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी के कारण लगी थी। क्षेपं सदस्य नंदन सिंह मेहरा, बबलू नेगी आदि ने बताया कि क्षेत्र के जंगल लगातार धधक रहे हैं। आग कौसानी के सरला आश्रम, लक्ष्मी आश्रम के समीप तक पहुंच रही है। आश्रम के नजदीक पहुंची आग पर छात्रावास में रहने वाली छात्राओं ने किसी तरह से काबू पाया। इधर, ऊर्जा निगम के ईई भाष्कर पांडेय ने कहा कि ट्रांसफार्मर की चिंगारी से गोशाला जलने की बात गलत है। जंगल की आग से गोशाला जली हैं। आग पूर्व से लगी थी, जो ट्रांसफार्मर के पास से होते हुए 50 मीटर दूर गोशाला तक पहुंची थी।
अग्निशमन कर्मियों ने बुझाई वाहन में लगी आग
बागेश्वर। नुमाइशखेत के समीप बने चिल्ड्रन पार्क में खड़े एक वाहन में अचानक आग लग गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे फायर सर्विस के जवानों ने प्रेशर पंप से पानी डालकर आग पर काबू पाया। तब तक वाहन पूरी तरह से आग की चपेट में आ चुका था। एफएसएसओ महेश चंद्र ने बताया कि आग लगने के कारण का पता नहीं चल सका है।