गरुड़ (बागेश्वर)। नगर और ग्रामीण क्षेत्र को पेयजल सप्लाई करने वाली अणां बानणा पेयजल योजना (द्वितीय) गरुड़ गंगा में समा गई, जिससे विकास खंड की आठ ग्राम पंचायतों के सैकड़ों ग्रामीण पेयजल के लिए मोहताज है। ग्रामीणों ने डीएम से टैंकरों से पानी की आपूर्ति करने की मांग की है।
सोमवार को गरुड़ गंगा के उफान पर रहने से अणां बानणा पेयजल योजना का हेड नदी में समा गया था। इससे गरुड़ बाजार, गोलू मार्केट, नौघर, टीट बाजार, गढ़सेेर, भकुनखोला, स्याल्दे टीट, टानीखेत में पेयजल की आपूर्ति ठप हो गई और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीण बारिश के पानी से अपने दैनिक काम निपटा रहे हैं।
जल संस्थान के जेई अशोक कुमार भट्ट ने बताया कि गरुड़ गंगा का जलस्तर अभी कम नहीं हुआ है। जेई ने बताया कि विभागीय कर्मी क्षतिग्रस्त लाइन को ठीक करने के लिए मंगलवार को योजना के हेड पर गए, लेकिन नदी का जलस्तर कम नहीं होने से कर्मचारियों को बैरंग लौटना पड़ा।
जेई ने बताया कि योजना टैंकरों से पानी की आपूर्ति करने के संबंध में विभाग के उच्चाधिकारियों को लिखा है। पेयजल के लिए परेशान ग्रामीणों ने डीएम से नगर के हर कस्बे में टैंकरों से पानी की आपूर्ति करने की मांग की है।
मूसलाधार बारिश ने पेयजल योजनाएं की बंद
जल संस्थान के जेई के अनुसार विकास खंड की सिरकोट, खितौला, अणां बानणा द्वितीय ,बैजनाथ गूंठ, महरघेटी, कुझांली, मेलाडुंगरी, जखेड़ा, पचना, कोलतुलारी पेयजल योजना बारिश से क्षतिग्रस्त हो गई। कोलतुलारी के निवर्तमान ग्राम प्रधान मंगल राणा ने बताया कि कोलतुलारी पेयजल योजना बारिश से पूर्ण रूप से ध्वस्त हो चुकी है। ग्रामीण बारिश का पानी का पीने को मजबूर है। उन्होंने डीएम से आपदा मद से योजना का तत्काल निर्माण करने को कहा है।