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सभासदों के बगैर ही निपट गई छावनी परिषद की बैठक

Fri, 10 Mar 2017 10:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत (अल्मोड़ा)।  
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रानीखेत का कुंवाली गांव - फोटो : अमर उजाला
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। छावनी परिषद की बोर्ड बैठक सभासदों के बगैर ही निपट गई। सभासदों के लंबे इंतजार के बाद मनोनीत सदस्यों की मौजूदगी में बैठक हुई। तय हुआ कि बढ़े हुए किराए और व्यावसायिक शुल्क संबंधी दुविधा को दूर करने के लिए बोर्ड अध्यक्ष और मुख्य अधिशासी अधिकारी व्यापारियों के साथ विचार विमर्श करेंगे। सातों सभासदों ने छावनी परिषद पर इस मुद्दे को लेकर बोर्ड बैठक का बहिष्कार कर दिया था।
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निर्वाचित सातों सभासदों ने छावनी परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए बोर्ड की बैठक का बहिष्कार कर दिया था। उनका कहना था कि बढ़े हुए कर को लेकर छावनी परिषद व्यापारियों के सामने स्थित स्पष्ट नहीं कर रही है, कई कार्यों में उन्हें साथ नहीं लिया जा रहा है। शुक्रवार को हुई बैठक से पूर्व सभासदों का इंतजार किया गया, नहीं आए तो छावनी परिषद के अध्यक्ष कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र (केआरसी) के कमांडेंट ब्रिगेडियर आतेश चहार की अध्यक्षता में मनोनीत सदस्यों के साथ बैठक की।

सीईओ ज्योति कपूर ने बताया कि मार्च की क्लोजिंग होने के कारण कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों के मामलों का निस्तारण किया गया। उन्होंने बताया कि दुकानों का किराया, व्यावसायिक शुल्क छावनी परिषद ने नियमों के अनुसार ही बढ़ाए हैं, एक साल पहले सातों निर्वाचित सभासदों की मौजूदगी में ही व्यावसायिक शुल्क बढ़ाने का रेगुलेशन पास किया गया था। उन्होंने बताया कि बढ़े हुए किराए और शुल्क को लेकर व्यापारियों में जो भी दुविधा है, उसे दूर करने के लिए व्यापारियों के साथ विचार विमर्श होगा। इस संबंध में शीघ्र ही व्यापारियों को सूचना दी जाएगी।
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