चौखुटिया (अल्मोड़ा)। लोनिवि विश्राम भवन में शुक्रवार को उत्तराखंड क्रांति दल की बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान स्थायी राजधानी गैरसैंण, वर्ष 1950 के आधार पर मूल निवास और सख्त भू-कानून बनाए जाने की मांग पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने राज्य की अस्मिता और मूल अवधारणा की रक्षा के लिए नए सिरे से संघर्ष छेड़ने का आह्वान किया।
बैठक के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के दर्जनों युवाओं ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने कहा कि यूकेडी की सर्वोच्च प्राथमिकता राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण है। उन्होंने युवाओं से एकजुट होकर पार्टी से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि आज का युवा बेरोजगारी की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। रोजगार को मौलिक अधिकार बनाए जाने के लिए संगठित संघर्ष जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी ताकतों के इशारों पर चलने वाली सरकारों ने प्रदेश को नशा और भू-माफियाओं के हवाले कर दिया है। समान नागरिक संहिता की बात करने वाली सरकार समान कार्य समान वेतन लागू करने में विफल रही है।
ठेकेदारी प्रथा के जरिये पहाड़ के बेरोजगार युवाओं को हाशिए पर धकेला जा रहा है। राज्य गठन के 25 वर्ष बीतने के बाद भी शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास की ठोस नीति न बनने के कारण गांव खाली होते जा रहे हैं। ऐसे में जनता को अपने हक के लिए फिर से संघर्ष के रास्ते पर उतरना होगा। बैठक में बसंत उपाध्याय, आनंद किरौला, उमेश मनराल, महेश तड़ियाल, विपिन गिरी, हिमांशु बिष्ट, कुबेर कुमैया, पंकज बिष्ट, नंदन सिंह, भुवन चंद, डॉ. नवीन कुमार, दीपक गिरी, भूपाल बोरा, मोहित बिष्ट, राहुल नेगी, विजय मेहरा, जीवन सिंह बिष्ट, महेश रौथाण, तारा सिंह, कैलाश गोस्वामी, गोविंद सिंह सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे। संवाद