कुविवि की ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के विरोध में एबीवीपी ने बीडी पांडेय राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। उन्होंने कालेज में ऑफलाइन प्रवेश की मांग की। इस दौरान कालेज परिसर में खूब हंगामा हुआ। तालाबंदी को लेकर कालेज-प्रशासन और छात्र नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। एहतियातन कालेज में पीएसी तैनात कर दी गई।
शनिवार को सुबह साढ़े 10 बजे एकजुट हुए एबीवीपी कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कालेज परिसर में पहुंचे। उन्होंने प्राचार्य कार्यालय से लेकर कालेज के सभी कार्यालयों और कक्षों में ताले लगा दिए। इससे पहले प्राचार्य समेत सभी प्राध्यापकों, स्टाफ और छात्रों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। तालाबंदी के साथ ही एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने ऑफलाइन प्रवेश की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। उन्होंने कुविवि प्रशासन पर शिक्षा का अधिकार जब्त करने का आरोप लगाया। कहा कि ऑफलाइन प्रवेश न देकर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
कालेज में हंगामे की सूचना पर एसडीएम राकेश तिवारी, सीओ एमसी जोशी फोर्स समेत कालेज पहुंच गए। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने आक्रोशित छात्रों को समझाने की कोशिश की। छात्रों ने उनकी एक नहीं सुनी। बढ़ते हंगामे को देखते हुए परिसर में पीएसी तैनात कर दी गई। इस दौरान प्रांत सहमंत्री आदर्श कठायत, हरीश मेहरा, भूपेंद्र दानू, राजेंद्र दानू, सुरेंद्र नेगी, योगेश जोशी, सुंदर दानू, तरुण कन्याल, मनोज बचखेती, हिमांशु जोशी, जीवन दानू आदि थे।
सोमवार को भी नहीं खुलने देंगे कालेज
बागेश्वर। एबीवीपी ने सभी छात्र-छात्राओं को प्रवेश न मिलने पर बेमियादी तालाबंदी की चेेतावनी दी है। छात्र नेेताओं ने चेताया कि प्रवेश का मौका न मिला तो सोमवार को भी कालेज नहीं खुुलने दिया जाएगा। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट, बिजली आदि सुविधाओं की दिक्कत के चलते कई छात्र ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाए हैं। प्रवेश न मिला तो इन छात्रों के भविष्य
पर असर पड़ेगा। ब्यूरो
कपकोट में एबीवीपी ने कुलपति का पुतला फूंका
कपकोट (बागेश्वर)। राजकीय महाविद्यालय में इंटर पास सभी छात्र-छात्राओं को प्रवेश नहीं मिलने से छात्रों में आक्रोश है। आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने कुलपति का पुतला फूंका। इस मौके पर हुई सभा में कहा गया कि मांगेें शीघ्र पूरी न होने पर आंदोलन तेज कर दिया जाएगा। पुतला दहन करने वालों में छात्रसंघ अध्यक्ष कृष्णा शाही, उपाध्यक्ष गोविंद कपकोटी, महासचिव हेमंत गढ़िया, हेमंत गढ़िया, प्रकाश चंद्र, नील कमल भट्ट, हिमांशु मेहरा, शोभा मेहता, सुनीता गोस्वामी, हंसा कुंवर, भावना सुरकाली, रजनी कुंवर, गरिमा सुरकाली आदि शामिल थे।