रानीखेत (अल्मोड़ा)। कोरोना से बचाव के लिए आ रहे प्रवासियों को लाने वाले रोडवेज चालक, परिचालकों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। उनको भरपेट भोजन तक नहीं मिल पा रहा है। कर्मचारियों को दो माह से वेतन भी नहीं मिला है। इससे रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के पदाधिकारियों में गुस्सा है।
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद का कहना है कि कोरोना के बीच चालक, परिचालक पूर्ण मनोयोग के साथ अपनी जान जोखिम में डालकर कार्य कर रहे हैं, लेकिन निगम प्रशासन उनकी सुध तक नहीं ले रहा है। इस कारण चालक, परिचालकों के परिजन भी आशंकित हैं। कहा कि निगम प्रबंधन की ओर से डिपो में भोजन की भी व्यवस्था नहीं की गई है। चालक, परिचालक भूखा रहकर ड्यूटी कर रहे हैं। उन्हें मास्क या सैनिटाइजर भी नहीं दिया गया है जबकि इसके लिए निगम मुख्यालय से राशि भी अवमुक्त की गई है। पदाधिकारियों ने बताया कि उच्चाधिकारियों से भी वार्ता की गई। शाखाध्यक्ष हीरा सिंह देव, उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार जोशी, प्रांतीय सदस्य मनोहर सिंह रावत, लाल सिंह फर्त्याल आदि ने कहा कि कर्मचारियों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ट्रक चालक-परिचालकों को भोजन उपलब्ध करवाने की मांग
बागेश्वर। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने डीएम रंजना राजगुरु के माध्यम से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र भेजा है। इसमें बीएमएस के क्षेत्र प्रमुख गणेश सिंह बोरा ने लॉकडाउन के दौरान ट्रक चालक-परिचालकों को रोज दो बार भोजन दिलाने की मांग की है। कहा है कि कोरोना महामारी के नियंत्रण को चल रहे लॉकडाउन में ट्रक चालक-परिचालक भूखा रहकर काम कर रहे हैं। लॉकडाउन के कारण रास्ते में उन्हें भोजन नहीं मिल पा रहा है।