अल्मोड़ा। प्रदेश सरकार पर्वतीय क्षेत्र में स्थानीय फसलों को बढ़ावा देने के लिए किसानों को बोनस दे रही है। पिछले साल तक किसानों को मडुवा, चौलाई, रामदाना उत्पादन पर बोनस मिलता था। अब इस वर्ष से गहत, काला भट, अरहर को भी इस योजना में शामिल किया गया है। इससे जिले के हजारों किसानों को लाभ मिलेगा। सरकार ने फसल उत्पादन पर प्रति कुंतल 200 रुपये बोनस को बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया है।
पर्वतीय क्षेत्र में अधिकांश किसान खेती पर ही निर्भर है, लेकिन उपज के विपणन की व्यवस्था नहीं होने से किसान परंपरागत खेती से विमुख होते जा रहे हैं। सरकार ने पिछले साल स्थानीय फसलों को प्रोत्साहन योजना शुरू करने की घोषणा की थी। इसके तहत किसानों से स्थानीय उत्पाद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि विभाग द्वारा खरीदे जाने थे, लेकिन इसके बाद शासन से निर्देश प्राप्त न होने यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी।
इसके बाद सरकार ने किसानों के लिए बोनस योजना शुरू की। पिछले साल मडुवा, रामदाना, चौलाई उत्पादन पर सरकार ने दो सौ रुपये प्रति कुंतल उत्पादन पर किसानों को बोनस दिया। कृषि विभाग ने जिले में 24900 किसानों को 89 लाख रुपये फसल उत्पादन पर बोनस बांटा। इस वर्ष सरकार ने इस योजना में गहत, काला भट, अरहर को भी शामिल किया है और बोनस की धनराशि दो सौ रुपये से बढ़ाकर तीन सौ रुपये प्रति कुंतल कर दी है। जिसका लाभ जिले के हजारों किसानों को मिलेगा।
अल्मोड़ा। पर्वतीय क्षेत्र में सरकार किसानों को जैविक खेती के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है। मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह ने बताया कि प्रथम चरण में जिले में 2500 किसानों के 55 क्लस्टर बनाए गए हैं।
किसानों को विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के अलावा अन्य स्थानों पर नि:शुल्क प्रशिक्षण, जैविक खेती प्रक्षेत्र का भ्रमण करवाया जा रहा है, ताकि किसान जैविक खेती कर उत्पादन बढ़ाएं। द्वितीय चरण में जिले के अन्य किसानों को भी योजना में शामिल किया जाएगा।