सल्ट तहसील के अंतर्गत रामनगर -मौलेखाल मार्ग में टुकरा के पास रविवार की सायं एक बोलेरो दुर्घटनाग्रस्त होकर करीब सौ मीटर गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटना में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक समेत पांच लोग घायल हो गए। वाहन में कुल छह लोग सवार थे। डेढ़ घंटे बाद भी एंबुलेंस के मौके पर नहीं पहुंचने पर निजी वाहनों से एक घायल को रामनगर और चार घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवायल उपचार के लिए ले जाया गया।
रविवार को सायं के समय बोलेरो संख्या यूके-19-टीए-0087 रामनगर से चमकना की ओर जा रही थी। सायं साढ़े पांच बजे टुकरा के पास पहुंचते ही यह दुर्घटनाग्रस्त होकर सौ मीटर गहरी खाई में जा गिरी। क्षेत्र के ग्रामीणों ने बोलेरो को दुर्घटनाग्रस्त होते हुए देखा। इसके बाद ग्रामीण मौके पर पर पहुंचे। सूचना मिलने पर तहसीलदार प्रताप राम टम्टा, नायब तहसीलदार जोगा राम, थानाध्यक्ष हरीश प्रसाद, एसआई भूपेंद्र कुमार, ललित सिंह, अनिल मनराल आदि मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से घायलों को रेस्क्यू कर खाई से निकाला।
दुर्घटना में हेमा देवी (35) पत्नी सुंदर सिंह निवासी चमकना की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उसके पति सुंदर सिंह (42) पुत्र गोपाल सिंह, पुत्री दिव्यांशी (10 माह), राजेंद्र सिंह (36) पुत्र गुंसाई सिंह, उनकी पुत्री ज्योति (15), चालक गिरीश सिंह (31) पुत्र गोविंद सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।
गंभीर घायल राजेंद्र सिंह को उपचार के लिए निजी वाहन से रामनगर ले जाया गया है। जबकि चार अन्य घायलों को निजी वाहन से स्वास्थ्य केंद्र देवायल अस्पताल ले जाया गया है।
मोड़ पर नहीं है पैरापिट
मौलेखाल। टुकरा में जिस स्थान पर दुर्घटना हुई है। वहां पर मोड़ है लेकिन पैरापिट नहीं बना है। यदि पैराफिट होता तो शायद दुर्घटना नहीं होती।
108 एंबुलेंस पड़ी है खराब
मौलेखाल। 108 एंबुलेंस खराब पड़ी है। सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस कर्मी तो मौके पर पहुंचे, लेकिन वाहन की व्यवस्था नहीं होने से घायलों को निजी वाहनों से अस्पताल उपचार के लिए ले जाना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग का कोई कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा था। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि 108 एंबुलेंस का खराब होना गंभीर है। सरकार को जल्द व्यवस्था में सुधार करना चाहिए।
दस माह की बच्ची के सिर से उठ गया मां का साया
मौलेखाल। दुर्घटना मृत महिला हेमा देवी (35) की दस माह बच्ची दिव्यांशी है। दिव्यांशी भी दुर्घटना में घायल हुई है। दिव्यांशी के सिर से दस माह में ही मां साया उठ गया है।