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फर्जी प्रणाण पत्रों से पा ली पदोन्नति

Wed, 22 Apr 2015 11:14 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो/ रानीखेत (अल्मोड़ा)
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ऊर्जा निगम के विद्युत वितरण मंडल कार्यालय में पदोन्नति में फर्जीवाड़े का मामला प्रकाश में आया है। एक साल पहले कार्यालय के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने गुरुकुल विवि वृंदावन मथुरा से अधिकारी परीक्षा और हाईस्कूल के प्रमाण पत्रों के आधार पर कार्यालय सहायक पद पर पदोन्नति पाई थी, लेकिन ऊर्जा कामगार संगठन की शिकायत के बाद मुख्य अभियंता ने पूरे प्रकरण की जांच कराई तो फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हो गया।

इधर, वितरण मंडल के अधीक्षण अभियंता ने कर्मचारी को मूल पद पर वापस भेज दिया है। साथ ही तृतीय श्रेणी के वेतन की धनराशि कर्मचारी के वेतन से किस्तों में वसूलने के आदेश जारी कर दिए हैं।
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संगठन ने एक सितंबर 2014 को विद्युत वितरण मंडल के अधीक्षण अभियंता तरुण कुमार से चतुर्थ श्रेणी पद से तृतीय श्रेणी पद पर पदोन्नत हुए कर्मचारी कृपाल सिंह मेहरा की पदोन्नति को नियमों के विपरीत बताते हुए उनकी सेवा पुस्तिका और अन्य अभिलेखों की जांच करने की मांग उठाई थी। इसके बाद विभागीय कार्रवाई शुरू हुई।

मुख्य अभियंता ने मामले की जांच के लिए टीम का गठन कर पूरे मामले की जांच कराई, तो पाया गया कि मेहरा द्वारा पदोन्नति के लिए वृंदावन मथुरा स्थित गुरुकुल विवि से जो अधिकारी परीक्षा का प्रमाण पत्र इस्तेमाल किया था, उसकी मान्यता इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व में ही खत्म कर दी थी।

जांच में पता चला कि पदोन्नति परीक्षा के लिए मेहरा ने विभागीय अनुमति भी नहीं मांगी थी, जो कि नियमों के विरुद्ध मानी गई। अधीक्षण अभियंता ने मेहरा को उसके मूल चतुर्थ श्रेणी पद पर वापस भेजते हुए उसके द्वारा एक साल के अंदर लिए गए तृतीय श्रेणी के वेतन की शेष धनराशि 12 माह में किस्तों के माध्यम वसूलने के निर्देश दे दिए हैं।
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विद्युत वितरण खंड रानीखेत के अधीक्षण अभियंत तरुण कुमार कहते हैं कि कर्मचारी कृपाल सिंह मेहरा द्वारा पदोन्नति के लिए फर्जी प्रमाण पत्र इस्तेमाल करने के मामला प्रकाश में आते ही मथुरा वृंदावन स्थित गुरुकुल विवि संस्था की मान्यता के संबंध में उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर नैनीताल जानकारी ली गई। वहां से भी यही पता चला कि संस्था की मान्यता पहले ही खत्म हो चुकी है। जिसके चलते पदोन्नति को नियमानुकूल नहीं माना जा सकता है। इसीलिए कृपाल सिंह को उसके मूल पद पर वापस भेज दिया गया है।
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