विकास प्राधिकरण का पुतला फूंकते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
जिला विकास प्राधिकरण के विरोध में विभिन्न संगठन और राजनीतिक दलों के लोग अब सड़कों पर उतर आए हैं। सोमवार को यहां प्रदर्शन कर केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की गई। बाद में प्राधिकरण का पुतला भी फूंका गया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भेजे ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि प्राधिकरण लागू किया गया तो उग्र आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
जिला विकास प्राधिकरण का द्वाराहाट के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है। इसे हटाने की मांग को लेकर जनसंगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों ने यहां प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि पहाड़ की भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर प्राधिकरण लागू करना औचित्यहीन है। नगर पंचायत और ग्राम पंचायतों की आय के स्रोत न्यूनतम हैं, प्राधिकरण के आने से इनकी स्थिति अत्यधिक दयनीय हो जाएगी। इसीलिए पहाड़ में प्राधिकरण लागू करना ठीक नहीं है।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने जनता से रायशुमारी किए बगैर प्राधिकरण लागू कर दिया, जो कि जनता के साथ पूरी तरह से धोखा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार को इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से निरस्त करना चाहिए। यदि मांग नहीं मानी जाती तो लोग फिर से सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। बाद में एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा गया। प्रदर्शन में नगर पंचायत अध्यक्ष विमला शाह, पूर्व अध्यक्ष विनोद जोशी, भूतपूर्व सैनिक संगठन अध्यक्ष नंदा बल्लभ मठपाल, एचआर आर्य, उक्रांद के आनंद सिंह बिष्ट, अर्जुन खंपा, गोविंद अधिकारी, डिगर सिंह, कमल शाह, निर्मल मठपाल, अनिल चौधरी, हिम्मत सिंह, राधा किरौला, हुकुम सिंह, सुधीर लाल, किशोरी लाल शाह, हेम रौतेला, जगत सिंह, युगल शाह सहित तमाम लोग शामिल थेे।