अल्मोड़ा। पिछले साल शासन के निर्देश के बाद पालिका ने नगर में सेवा शुल्क का प्रस्ताव पास कर इसे लागू कर दिया था, लेकिन सेवा शुल्क वसूलने की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। इसमें घर, होटल, दुकान, रेस्टोरेंट, बारातघर के अलावा कार्यालयों और शिक्षण संस्थाओं से भी सेवा शुल्क वसूलने का प्रावधान किया गया है, जबकि बीपीएल परिवार को काफी रियायत दी गई थी।
पिछले साल पालिका ने शासन के दबाव के बाद संशोधन कर सेवा शुल्क लागू कर दिया था। हर माह लिए जाने वाले सेवा शुल्क के लिए घरेलू सेवा शुल्क का न्यूनतम मूल्य 20 रुपये तय किया गया था। इसमेें किराएदार से भी सेवा शुल्क वसूला जाना शामिल है।
इसके अलावा चेरिटेबल बारातघर का पांच सौ, सामान्य बारातघर का सेवा शुल्क दो हजार, रेस्टोरेंट के लिए 50 रुपये, भोजनालय, मिठाई की दुकान के लिए सौ रुपये, होटल के अंदर रेस्टोरेंट के लिए दो सौ रुपये, एक से 20 बिस्तर वाले होटल, गेस्ट हाउस का सौ रुपये, 21 से 40 बिस्तर होने पर 150 रुपये सेवा शुल्क रखा गया है। मांस, मछली, विक्रेता पर दो सौ रुपये, बेकरी पर 150 रुपये, सिनेमा हॉल, फैक्ट्री, वर्कशॉप पर दो सौ रुपये, जूस विक्रेता पर सौ रुपये, मॉल, बिग बाजार में सेवा शुल्क एक हजार रुपये रखा गया है।
इसके अलावा पालिका ने दफ्तरों, आवासीय, अनावासीय स्कूलों, प्राइवेट शिक्षण संस्थाओं के लिए भी सेवा शुल्क दरें तय हैं। बीपीएल परिवार को छूट देते हुए निर्धारित शुल्क 20 रुपये रखा गया है।
इधर पालिका के अधिशासी अधिकारी श्याम सुंदर ने बताया कि रुड़की से गजट नोटिफिकेशन नहीं आने के कारण सेवा शुल्क लेने में विलंब हो रहा है। उम्मीद है कि इस माह के अंत तक नोटिफिकेशन पहुंच जाएगा और उसके बाद पालिका सेवा शुल्क लेना शुरू करेगी।