प्रदेश सरकार का पुतला फूंकते उपपा कार्यकर्ता।
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अल्मोड़ा। उत्तराखंड सरकार द्वारा कैबिनेट में अगले सत्र से शराब के दामों में 20 प्रतिशत कमी करने और आबकारी से राजस्व कमाने का लक्ष्य निर्धारित कर उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम 1910 में 1978 में जोड़े गए नशाबंदी की धारा 37ए(3) को हटाने का उपपा कार्यकर्ताओं ने विरोध किया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रदेश सरकार उत्तराखंड समाज को पूरी तरह तबाह करना चाहती है। कार्यकर्ताओं ने चौघानपाटा में एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पुतला भी फूंका।
गांधी पार्क में आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि भाजपा ने सरकार में आने से पहले महिलाओं के वोट हासिल करने और सत्ता में आने पर राज्य को नशा मुक्त करने, अच्छे दिन लाने, बेरोजगारी, महंगाई पर रोक लगाने, भ्रष्टाचार खत्म करने जैसे वायदे किए थे। लेकिन प्रचंड बहुमत से सत्ता में आने के बाद डबल इंजन सरकार ने जिस तरह पूरी ताकत से जनता के अरमानों को कुचला है उससे जनता काफी परेशान है।
बाद में कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा और राज्य में पूर्ण मद्य निषेध लागू करने, रसोई गैस, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं सस्ती करने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में नगर सचिव गोपाल राम, धीरज, मनमोहन सिंह, किरन आर्या, हीरा देवी, भुवन चंद्र जोशी, रेशमा परवीन, राजू गिरि, प्रकाश चंद्र, लीला आर्या, आनंदी वर्मा, विमला, नारायण राम आदि शामिल रहे।