पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रैमजे इंटर कालेज प्रांगण में हुई जनसभा में डबल इंजन की सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए उन पर गड़बड़ी करने के आरोप लगा रही है। रावत ने कहा कि वह जांच के लिए तैयार हैं। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को जांच सौंपकर आयोग बनाया जाए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने साढ़े तीन साल में कुछ नहीं किया, मात्र देश को कमजोर करने का काम किया है।
पूर्व सीएम ने कहा कि 2014 में भाजपा ने जनता को सब्जबाग दिखाए और प्रबल जनसमर्थन हासिल किया, लेकिन मोदी सरकार ने एक वायदे को भी अमली जामा नहीं पहनाया। प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी कर काले धन पर नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था पर प्रहार किया है। देश की विकास दर घट रही है। देश में मात्र दो तीन घरानों की संपत्ति में इजाफा हो रहा है। जो भाजपा से असहमत है उन्हें देश प्रेमी नहीं माना जा रहा है। केंद्र की नीतियों से युवा, किसान, गरीब वर्ग समेत आम जनता परेशान है। उन्होंने कहा की पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल में प्रदेश में शुरू की गई शिल्पकारों, गरीबों की पेंशन योजनाओं पर इस सरकार ने 118 करोड़ का डाका डाला है। अब यह सरकार प्रदेश में तीन हजार प्राथमिक स्कूल बंद करने जा रही है, ताकि वह शिशु मंदिर खोल सके। उन्होंने कहा कि वह अल्मोड़ा में खोले गए आवासीय विवि को जेएनयू की तर्ज पर स्थापित करना चाहते थे, लेकिन भाजपा सरकार इसे धंधे के तौर पर चला रही है।
जागेश्वर के विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि कार्यकर्ता आपसी मतभेद भुलाकर कांग्रेस को मजबूत बनाने को काम करें। पूर्व विधायक मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने आईएसबीटी, मेडिकल कालेज, फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट, कोसी बैराज समेत अन्य विकास कार्यों का बजट रोक दिया है। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे ने और संचालन जिला उपाध्यक्ष तारा चंद्र जोशी ने किया। सभा को रानीखेत के विधायक करन महरा, पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, केवल सती, दीपक मेहता, राजेंद्र बाराकोटी, अख्तर हुसैन आदि ने संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, डीसीबी अध्यक्ष प्रशांत भैसोड़ा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन सिंह मेहरा, बिट्टू कर्नाटक, आनंद बगडवाल, नगर अध्यक्ष पूरन रौतेला, मनोज सनवाल, त्रिलोचन जोशी आदि मौजूद थे।