सेवानिवृत्त ले. जनरल मोहन चंद्र भंडारी।
- फोटो : amar ujala
रक्षा विशेषज्ञ पूर्व ले. जनरल मोहन चंद्र भंडारी ने मंगलवार की तड़के भारतीय वायु सेना के पराक्रम को ऐतिहासिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि 1971 के बाद पहली बार आतंकियों के खिलाफ डीप स्ट्राइक हुई है। इस कार्रवाई के बाद भारत को भी सजग रहने की जरूरत है। भारत ने आतंक प्रभावित देशों को भी साफ संदेश दे दिया है।
पूर्व ले. जनरल भंडारी ने कहा कि दशकों बाद किसी राजनैतिक नेतृत्व ने सामरिक नेतृत्व का परिचय दिया है। पाकिस्तान में 50 किमी अंदर घुसकर वहां आतंकी कैंप को ध्वस्त कर भारतीय वायु सेना ने अनुकरणीय कार्य किया है। इस कार्रवाई से पाकिस्तान बुरी तरह से बौखला गया है। वहीं, अब आतंक प्रभावित देशों ने भी आतंक के खिलाफ गठबंधन करना शुरू कर दिया है। भारत की इस पहल का पूरा विश्व मुरीद हो चुका है। कहा कि पाकिस्तान वर्षों से आतंक की फैक्ट्री चला रहा है। आए दिन देश की सीमाओं पर शांति भंग हो रही थी। साथ ही, आतंकी हमलों में भारतीय सैनिक शहीद हो रहे थे।
मजबूत इरादों वाले राजनीतिक नेतृत्व ने साहस का परिचय देते हुए पाकिस्तान के अंदर घुसकर आतंक के खिलाफ मोर्चा खोलने का साहस जुटाया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की दुर्गति के दिन पास आ गए हैं। ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका सहित तमाम देशों ने भारत की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे शानदार कूटनीतिक जीत करार दिया है।