बद्रेश्वर नौले की मरम्मत करते मजदूर।
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विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने गोद लिए गए मालरोड से लगे बद्रेश्वर नौले के जीर्णोद्धार का काम शुरू कर दिया है। संस्थान के इंजीनियर के नेतृत्व में शुक्रवार से मजदूर नौले के जीर्णोद्धार में जुटे हैं।
नगर के मालरोड से लगा बद्रेश्वर नौला काफी प्राचीन है। देखरेख के अभाव में नौले की छत और दीवारें ध्वस्त हो गई थीं। कई जगह से पत्थर गिरने लगे थे। गर्मी के मौसम में यह नौला लोगों की प्यास भी बुझाता था।
विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के निदेशक डा. अरुणव पटनायक की पहल से संस्थान ने इस नौले को गोद लिया था। शुक्रवार से संस्थान के इंजीनियर दिनेश चंद्र मिश्रा के नेतृत्व में मजदूरों ने नौले के जीर्णोद्धार शुरू कर दिया है।
उन्होंने बताया कि चार दिसंबर को नौले के आसपास के क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान नौले के आसपास के क्षेत्र में पड़ी गंदगी को एकत्रित कर जलाकर नष्ट किया जाएगा। उन्होंने लोगों से नौले के आसपास के क्षेत्र में गंदगी नहीं फैलाने की अपील की। उन्होंने बताया कि टूटी गई पटालों की जगह नई पटाले लगायी जाएंगी। जीर्णोध्दार कार्य में बीएस नगरकोटी, विजेंद्र कुमार, सचिन पांडे सहयोग दे रहे हैं।