धौलछीना (अल्मोड़ा)। बीडीसी भैंसियाछाना की बैठक में बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य के मुद्दे छाए रहे। सदस्यों ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और अस्पताल में डॉक्टरों का अभाव, विद्युत अव्यवस्था होने आदि समस्याएं प्रमुखता से उठाई। सदस्यों ने वन विभाग और सेंचुरी के सक्षम अधिकारियों के बैठक में न पहुंचने पर आक्रोश जताया। सीडीओ प्रकाश चंद्र ने पंचायत सदस्यों द्वारा सदन में उठाई समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण करने का आश्वासन दिया।
सदस्यों ने आरोप लगाया कि मजदूरों को मनरेगा के कार्यों का भुगतान नहीं हुआ है। बीडीसी की बैठक नियमित रूप से नहीं हो रही हैं। राज्य वित्त, 14वें वित्त के बजट की मनमाने तरीके से बंदरबांट की गई। बीडीसी सदस्यों को कोई मानदेय नहीं दिया जा रहा है। डुंगरी के क्षेत्र पंचायत सदस्य भुवन सिंह मटेला ने क्षेत्र में विद्युतीकरण लाइन की मरम्मत करने की मांग की। कहा कि राशन कार्ड ऑनलाइन नहीं हो रहे हैं।
जगयूड़ा के प्रधान नंद राम ने कहा कि 2006 में 30 लाख की लागत से बनी योजना में पानी चालू नहीं हुआ। सीडीओ प्रकाश चंद्र ने जल निगम के जेई की कार्यप्रणाली कर नाराजगी जताते हुए अन्य विभागों के अधिकारियों से मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। बीडीसी सदस्य दियारी भावना रावत ने डीएम और क्षेत्रीय विधायक के निर्देशों के बाद भी धौलछीना पेयजल योजना की सर्वे न होने पर रोष जताया।
सीडीओ प्रकाश चंद्र ने जल निगम के अधिशासी अभियंता को शीघ्र सर्वे करने के निर्देश दिए। उन्होंने धौलनेड़ी, त्रिनैली, मल्ली नाली में भवनों का पुनर्निर्माण, स्कूलों में शिक्षकों की कमी की समस्या रखी। उन्होंने धौलछीना-दियारी सड़क में नाली न होने से सड़क का पानी लोगों के घरों में जाने का मामला भी उठाया। सदस्यों ने सेराघाट, धौलछीना अस्पतालों में डॉक्टर न होने की समस्या उठायी।
इस पर सीडीओ ने तत्काल व्यवस्था के तहत डॉक्टर भेजने को कहा। सीडीओ ने सराहनीय कार्यों के लिए समाज कल्याण एडीओ हेम चंद्र तिवारी को प्रशस्त्रि पत्र देकर सम्मानित करने की बात कही। अध्यक्षता करते हुए ब्लॉक प्रमुख हरीश बनौला ने समस्याओं का हरसंभव समाधान करने की बात कही। बैठक में डीपीआरओ समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत सदस्य, प्रधान आदि थे।