धौलादेवी की बीडीसी बैठक में सदस्यों ने बिजली, पानी, शिक्षा आदि के मुद्दे उठाए। प्रधानों ने स्वैप मोड के तहत पूर्व में गांवों में गठित समितियों के बजाए जल निगम द्वारा ठेकेदारी प्रथा में पेयजल लाइनें बिछाने का विरोध किया।
कई सदस्यों के अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति में धांधली के आरोप पर मुख्य विकास अधिकारी ने स्वयं जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
अध्यक्षता करते हुए ब्लॉक प्रमुख पीतांबर पांडे ने सदस्यों से गांव के विकास को एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। प्रधानों ने गांवों में पेयजल लाइनों के निर्माण में ठेकेदारी प्रथा का विरोध किया।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सरयू-दन्यां, दोड़ और पानार-भनोली पंपिंग योजनाएं निर्माणाधीन हैं। इन योजनाओं के मुख्य टैंकों से गांव तक वितरण लाइनों के निर्माण को पूर्व में ग्राम समितियां गठित की गई थीं पर अब जल निगम ठेकेदारी प्रथा से काम करवा रहा है।
सदन ने सर्व सम्मति से ग्राम समितियों से ही वितरण लाइनें बनाए जाने का प्रस्ताव पारित किया। कई सदस्यों ने अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली बरते जाने की शिकायत की। सीडीओ प्रकाश चंद्र ने शिकायतों की स्वयं जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बिजली विभाग की चर्चा के दौरान सदस्यों ने कहा कि कई स्थानों पर लोहे के पोल जर्जर हो गए हैं और कभी भी दुर्घटना होने की आशंका है।
उन्होंने पुराने जीर्ण पोलों को बदलने और वंचित गांवों के विद्युतीकरण की मांग की। बिजली विभाग के अधिकारियों ने पुराने हो चुके पोलों को जल्द बदलकर नए पोल लगाने का भरोसा दिया।
उन्होंने कहा कि नैलपड़ के क्वैराली और धूरा के वंचित पभ्या तोक में एक महीने के भीतर बिजली लाइन डालने का काम शुरु हो जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि गांव की खुली बैठकों में विकास के लिए योजनाएं तय करें। सरकार ने कई योजनाएं चलाई है। व्यक्तिगत और सामुहिक रूप से योजनाएं तैयार कर ग्रामीण आय संवर्धन को आगे आएं।