क्षेत्र पंचायत समिति की बैठक में मनरेगा के तहत वर्ष 2016-17 के लिए 3.68 करोड़ का लेबर बजट ध्वनिमत से पारित किया गया। थाना क्षेत्र का विस्तार करने, विकास खंड को सूखाग्रस्त घाषित करने तथा खाद्यान्न गोदाम का शीघ्र निर्माण करने सहित 12 प्रस्ताव पारित हुए।
ब्लॉक प्रमुख बिशनराम की अध्यक्षता में हुई क्षेत्र पंचायत समिति की बैठक में मनरेगा के तहत वर्ष 2016-17 के लिए 3.68 करोड़ रुपये का बजट पारित किया गया। स्वास्थ्य विभाग से संबंधित चर्चा के दौरान सीएचसी में अल्ट्रासाउंड चालू न करने पर रोष जताया गया। सदस्यों ने इसके लिए रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति करने की मांग की।
सदन में स्वास्थ्य केंद्र मासी, जौरासी, गोदी में डॉक्टर न होने से हो रही परेशानी का मामला भी उठा। उरेडा से संबंधित चर्चा के दौरान सदस्यों ने सोलर स्ट्रीट लाइटों के आवंटन में मनमानी, संख्या में गड़बड़ी का आरोप लगाया। कुछ सदस्यों ने उरेडा द्वारा खराब लाइटों को ठीक करवाने की सराहना भी की।
सदस्यों ने तहसील के कुल 14 राजस्व क्षेत्रों में महज चार राजस्व उपनिरीक्षकों के होने से हो रही परेशानी का हवाला देते हुए चौखुटिया पुलिस थाने का विस्तार कर उसमें निकटवर्ती कुछ और गांवों को शामिल करने संबंधी प्रस्ताव पारित किया।
बैठक में गैरसैंण विकास परिषद के तहत मिलने वाली धनराशि सदन के माध्यम से प्रस्ताव बनाकर बांटे जाने की मांग भी उठी। शिक्षा संबंधी चर्चा में प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मामला उठा।
इस दौरान सीईओ बीएन सिंह ने बताया कि जिन निजी स्कूलों ने हाईस्कूल स्तर पर अंग्रेेजी मान्यता के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं, उन्हें शीघ्र मान्यता दे दी जाएगी।
इसके लिए मान्यता समिति की बैठक शीघ्र बुलाई जा रही है। कहा कि इसके लिए प्रशासनिक प्रस्ताव भी शीघ्र तैयार कर लिया जाएगा। बैठक में सीडीओ प्रकाश चंद्र ने कई विकास योजनाओं की जानकारी दी। संचालन बीडीओ एमसी जोशी ने किया।
वहीं ज्येष्ठ उप प्रमुख हरीश कैड़ा, कनिष्ठ प्रमुख ललिता बिष्ट, जिला पंचायत सदस्य गजेंद्र नेगी, विमला नायक, डीडीओ डीडी पंत, एसडीएम हेमंत वर्मा आदि तमाम विभागों के जिला स्तरीय अधिकार मौजूद थे।
महज एक हफ्ते बाद बुधवार को दोबारा हुई बीडीसी की बैठक में पिछली बार सदस्यों के बहिष्कार का असर साफ नजर आया। पिछली बैठक में अधिकतर जिला स्तरीय अधिकारियों की गैर मौजूदगी के कारण पंचायत प्रतिनिधियों ने बहिष्कार कर दिया था। जिसके चलते इस बार जिला प्रशासन के सख्त रवैये को देखते हुए कमोबेश सभी विभागों के अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।