बड़सैल गधेरे में अवैध खनन होने पर रेंजर विशन राम आर्या से नाराजगी जताते ग्रामीण।
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सोमेश्वर तहसील में बड़सैल गधेरे से नई पेयजल योजना बनाने का अर्जुनराठ, भानाराठ और मल्लाखोली के ग्रामीणों ने विरोध किया है। उन्होंने रविवार को गधेरे में जल स्रोत के पास जाकर नई बिछाई जा रही पाइप लाइन को उखाड़ दिया। कहा कि इस जगह पर अवैध रूप से पत्थर और रेता का खनन किया जा रहा है। करीब आधा दर्जन बुरांश और बांज के पौधे भी उखाड़े गए हैं। ग्रामीणों ने मौके पर वन क्षेत्राधिकारी को बुलाकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
बड़सैल गधेरे से पूर्व में ही अर्जुनराठ, भानाराठ और मल्लाखोली गांव के लिए पेयजल योजना बनी है। इसी गधेेरे से ऊपरी क्षेत्र से एक और नई पेयजल योजना बनाने की सूचना मिलने पर ग्रामीण भड़क उठे। उनका कहना है कि इससे तीनों गांवों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होगी। तीनों गांवों के काफी संख्या में ग्रामीण बड़सैल गधेरे में पहुंचे। उन्होंने वहां से नई बिछाई जा रही पेयजल योजना के पाइप उखाड़ दिए। ग्रामीणों का आरोप है कि इस स्थान पर अवैध रूप से पत्थर और रेता का भी खनन किया जा रहा है। यहां पर 28 स्थानों पर पत्थरों और कई जगहों पर रेते के भी ढेर लगे हैं। ग्रामीणों द्वारा रोपे गए बांज और बुरांश के आधा दर्जन पौधे भी उखाड़े गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि वह जंगल बचाने की मुहिम चलाए हुए हैं। लेकिन गधेरे में अवैध खनन किया जा रहा है और रेता निकाला जा रहा है। जो बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने रेंजर विशन राम आर्या को मौके पर बुलाया। रेंजर ने वहां खनन कर निकाले गए पत्थर और रेते के ढेरों की नापजोख की। इस दौरान मौके पर कोई मजदूर नहीं मिला। रेंजर ने बताया कि अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद सायं चार बजे ग्रामीण लौट गए। विरोध जताने वालों में महेश बोरा, संजय बोरा, सुरेश बोरा, नंदन बोरा, दलीप बोरा, श्याम बोरा, पुष्कर बोरा,गणेस बोरा, राजेंद्र बोरा, विशन सिंह, राम सिंह, प्रकाश सिंह, शंकर सिंह, जीवन सिंह, नंदन सिंह आदि शामिल थे।