यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंकों की दो दिनी हड़ताल शुरू हो गई है। भारतीय बैंक संघ द्वारा वेतन में की गई मात्र दो प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग को लेकर नाराज बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने बुधवार को बैंक बंद करते हुए नगर में जुलूस निकाला। इस दौरान उन्होंने सरकार से हस्तक्षेप करते हुए उनकी मांगों का शीघ्र निपटारा करने की मांग की। हड़ताल के कारण पहले दिन नगर में 40 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ।
प्रदर्शन करते हुए वक्ताओं ने कहा कि 11वंा वेतन समझौते के तहत एक नवंबर 2017 से वेतन वृद्धि होनी थी, लेकिन भारतीय बैंक संघ ने महज दो प्रतिशत वेतन वृद्धि का प्रस्ताव देकर मजाक किया है। वक्ताओं ने बताया कि यूनियंस ने इस प्रस्ताव के विरोध और सम्मानजनक समझौता शीघ्र न करने के कारण हड़ताल की है। इस दौरान विभिन्न बैंकों के अधिकारियों, कर्मचारियों ने मालरोड से चौघानपाटा तक जुलूस निकालते हुए नारेबाजी की। जहां हुई सभा में उन्होंने आईबीए द्वारा द्विपक्षीय समझौते में अड़ंगा लगाते हुए वेतन वृद्धि में देरी किए जाने की निंदा की और सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर शीघ्र निपटारा करने की मांग की।
सभा को मोहन चंद्र कांडपाल, वर्क्स यूनियन के सीएस मर्तोलिया, हर सिंह बिष्ट, आरपी टम्टा, ललित मोहन पंत, प्रफुल्ल जोशी, सुभाष पांडे ने संबोधित किया जबकि संचालन आंचलिक सचिव अनूप साह ने किया। इस दौरान एसबीआई के नरेश सिंह रावत, नवीन खर्कवाल, वीएस नेगी, सुरेश कर्नाटक, सुंदर बिष्ट, पंकज, रेनू बिष्ट, गिरीश साह, पूरन उप्रेती, शशि, भूपाल सिंह मेहता, अभिषेक तिवारी, अर्जुन वाल्मीकि, मुकुल, सुनील कुमार, गणेश जोशी समेत एसबीआई, पीएनबी, ओबीसी, सिडिंकेट, केनरा, बॉब, सेंट्रल बैंक, इलाहाबाद, नैनीताल, देना, कारपोरेशन, इंडियन, कूर्मांचल, यूको बैंक के अधिकारी, कर्मचारी मौजूद थे।