नानीसार में शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार हुए उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी सहित 12 अन्य लोगों को परगना मजिस्ट्रेट की अदालत ने 10-10 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है। दूसरी तरफ उपपा अध्यक्ष पीसी तिवारी की ओर से जिंदल ग्रुप के कर्मचारियों के खिलाफ दी गई तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश है।
सोमवार की सुबह जमानत को लेकर यहां परगना मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल कर दिए गए थे, लेकिन संयुक्त मजिस्ट्रेट विनीत कुमार प्रशासनिक कार्यों के चलते बाहर थे, अपराह्न तीन बजे बाद ही आरोपियों की जमानत हो पाई। आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश रौतेला और ललित मोहन पपने ने पैरवी की। जिंदल ग्रुप की ओर से कर्मचारी श्याम कुमार ने पीसी तिवारी सहित पदम सिंह, भूपेंद्र सिंह, गोपाल सिंह, प्रताप सिंह, देवेंद्र सिंह, बहादुर सिंह, अनोप सिंह, पीसी तिवारी, मो. वसीम, रेखा धस्माना, आनंदी वर्मा, गणेश सिंह सहित कुल 12 लोगों के खिलाफ शांतिभंग के आरोप में नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था। दूसरी तरफ जिंदल ग्रुप के लोगों के खिलाफ उपपा अध्यक्ष की ओर से दी गई तहरीर पर भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। संयुक्त मजिस्ट्रेट विनीत कुमार का कहना है कि तहरीर के मामले की जांच की जाएगी। उसके बाद ही कार्रवाई होगी। हालांकि तहसील प्रशासन के अधिकारियों का रविवार तक कहना था कि जिंदल ग्रुप के प्रेमपाल सहित 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ शांति भंग में मुकदमा दर्ज हुआ है। रविवार की देर रात तक गिरफ्तारी के प्रयास किए जाएंगे। इधर सोमवार को भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।