अल्मोड़ा। जिला न्यायाधीश ज्ञानेंद्र शर्मा ने न्यायालय परिसर में आयोजित मॉनीटरिंग सेल की बैठक में कहा कि आम जनता को सुगमता से न्याय दिलाना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अनुसंधान (जांच) रिपोर्ट लंबित होने से विभिन्न न्यायालयों में वादों के निस्तारण में देरी हो रही है। डीएम और एसएसपी अपने अधीनस्थों को जांच रिपोर्ट तुरंत प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित करें। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ऑनलाइन करने वाला अल्मोड़ा प्रदेश का पहला जिला है।
जिला न्यायाधीश ने डीएम द्वारा न्यायिक प्रक्रिया में दिए सहयोग की सराहना की। कहा कि आज पोस्टमार्टम रिपोर्ट ऑनलाइन आने लगी है। इसी तरह मेडिकल रिपोर्ट और एफआईआर रिपोर्ट भी आन लाइन करने के लिए एसएसपी और सीएमओ से कहा। उन्होंने कहा कि जिले में कानूनी जानकारी देनेे, बंधुआ मजदूरी, बालश्रम रोकने, श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए शोधार्थी के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जो कि इस बारे में शोध करेंगे।
स्वयंसेवी संस्थाओं का रजिस्ट्रेशन भी न्यायालय में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुदूरवर्ती क्षेत्रों में वह स्वयं और डीएम एसएसपी भी शिविर में कानूनी जानकारी देंगे। उन्होंने कहा कि अधिकांश न्यायिक वादों का निस्तारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्मय से करने की कोशिश की जा रही है। बैठक में परिवहन विभाग के पैरोकार न आने पर नाराजगी व्यक्त की गई। उन्होंने कहा कि बैठक में नामित अधिकारी स्वयं भाग लें। अनुपस्थित रहने पर अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लेने में कठिनाई होती है।
डीएम सविन बंसल ने एपीओ को नियुक्ति के लिए आभार जताते हुए कहा कि इससे न्यायिक प्रक्रिया में सहूलियत हो रही है। बैठक में सीजेएम मनमोहन सिंह, सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण शेष चंद्र, अपर जिला सत्र न्यायाधीश ओम कुमार, एसएसपी केएस नगन्याल, एसडीएम विवेक राय, सीएमओ डॉ. आरसी पंत, जिला कार्यक्रम अधिकारी पीएस बृजवाल, समाज कल्याण अधिकारी राजीव नयन तिवारी आदि थे।