सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। आदर्श रामलीला कमेटी रियूनिया चनौदा की ओर से आयोजित रामलीला के पांचवें दिन रामायण के कई प्रसंगों का मंचन किया गया। चित्रकूट में राम-भरत मिलन की भावुक लीला आकर्षण का केंद्र रही। इसे देखकर दर्शक भावविभोर हो गए।
रामलीला में वन-गमन की तैयारी, निषाद मिलन, सुमंत का अयोध्या लौटना और राजा दशरथ की मृत्यु के प्रसंग प्रस्तुत किए गए। इसके बाद भरत-शत्रुघ्न का आगमन, भरत-कैकेयी संवाद, राम-विराध युद्ध और विराध वध की लीला का मंचन हुआ। भरत के अयोध्या लौटने और वन में श्रीराम की महर्षि अत्रि से भेंट के प्रसंग भी दिखाए गए। कलाकारों ने अपने अभिनय से विभिन्न प्रसंगों को जीवंत बनाया। आयोजन के माध्यम से क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने और नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों, त्याग, मर्यादा और भाईचारे से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान कमेटी अध्यक्ष महेंद्र सिंह बोरा, मुख्य संरक्षक बालम भाकुनी, व्यवस्थापक हरीश सिंह भाकुनी, कोषाध्यक्ष ललित भाकुनी, गोपाल सिंह बोरा, आनंद सिंह भाकुनी, मनीष भाकुनी, हिमांशु बोरा, कैलाश बोरा आदि मौजूद रहे।