एक गांव में रिश्ते एक बार फिर तार तार हो गए। यहां अधेड़ मौसा द्वारा नाबालिग भांजी की अस्मत लूटने का मामला प्रकाश में आया है। आरोपी नाबालिग का सगा मौसा है और वह पिछले दो सालों से उसका यौन उत्पीड़न कर रहा था। बालिका की एफआईआर के बाद राजस्व पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। राजकीय अस्पताल में दोनों का मेडिकल कराकर, बालिका को फिलहाल उसके चाचा के सुपुर्द कर दिया गया है।
बताया गया है कि 12 वर्षीय बालिका के मां-बाप नहीं हैं। बालिका को पढ़ाने के लिए मौसा भूपाल सिंह (52) पांच साल पहले उसे अपने गांव ले आया। गांव में मौसा-मौसी और एक भाई भी रहता है। बालिका पास के ही एक विद्यालय में सातवीं कक्षा में पढ़ती है। सोमवार की देर शाम बालिका ने राजस्व पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है। जिसमें कहा गया है कि भूपाल सिंह उसे डरा धमकाकर पिछले दो सालों से उसका यौन उत्पीड़न कर रहा था। यह बात किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी देर रहा था।
हिम्मत जुटाकर इस संबंध में जब मौसी को जानकारी दी गई तो मौसी ने उल्टा उसे ही डांट दिया और इस संबंध में बाहर मुंह नहीं खोलने की चेतावनी दे दी। बालिका के बयान के बाद राजस्व पुलिस ने आरोपी के खिलाफ 3-4 पॉक्सो अधिनियम और धारा 376 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया। आरोपी को गांव से गिरफ्तार कर दोनों का यहां मेडिकल भी कराया गया। बालिका को संरक्षण के लिए फिलहाल उसके चाचा के सुपुर्द किया गया है। क्षेत्र के राजस्व उपनिरीक्षक भूपाल गिरि गोस्वामी ने बताया कि आरोपी को न्यायालय के सम्मुख पेश करने की तैयारी चल रही है।