अल्मोड़ा/मौलेखाल/रानीखेत/द्वाराहाट। विभिन्न मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ता मुखर हो गई हैं। शुक्रवार को आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन के बैनर तले आशाओं ने गांधी पार्क चौघानपाटा में सांकेतिक प्रदर्शन किया। इस दौरान कलक्ट्रेट पहुंच एडीएम बीएल फिरमाल को ज्ञापन सौंपकर विभिन्न सुविधाएं देने की मांग उठाई।
आशाओं ने कहा कि वह हमेशा से अपने कार्य को निष्ठा के साथ पूरा कर रहीं हैं। कोविड-19 के दौरान भी आशाएं अपनी सेवाएं दे रही हैं। कहा कि हर विषम परिस्थितियों में वह प्रधानमंत्री और स्वास्थ्य विभाग की पहल पर देशहित के लिए अपने कर्तव्यों को बखूबी निभा रहीं हैं। अटल आयुष्मान योजना, मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम, टीकाकरण, पल्स पोलिया अभियान से लेकर लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग सभी में हमेशा सबसे आगे रहने के बाद भी आशाओं के बारे में सोचा नहीं जा रहा है। उनके हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है। कोरोना काल में लगन से कार्य करने के बावजूद भी उन्हें सम्मान नहीं मिल सका। इस दौरान उन्होंने एडीएम बीएल फिरमाल को ज्ञापन सौंपकर निश्चित और सम्मानजनक मानदेय दिलाने की मांग की। शीघ्र मांग पूरी न होने पर कार्यकर्ताओं ने आंदोलन की चेतावनी भी दी। ज्ञापन देने वालों में ममता वर्मा, मुन्नी बिष्ट, शीला, प्रेमा बिष्ट, रेखा आर्या, शांति, दया आदि रहे।
वहीं उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन के सदस्यों ने शुक्रवार को सल्ट तहसील मुख्यालय प्रांगण में धरना दिया। मौलेखाल के तहसीलदार कुलदीप कुमार को ज्ञापन सौंपा। इनमें कमला देवी, शांति, राधिका, सीमा, प्रभा, सुशीला रावत, उमा, अनीता, शांति, रेवती देवी, पुष्पा, सविता आदि रहे।
ताड़ीखेत और द्वाराहाट के कार्यकर्ताओं ने भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजे। रानीखेत में अध्यक्ष कमला जोशी, भावना बिष्ट, मीना आर्या, जानकी देवी, हेमलता देव, जया जोशी, गरिमा शाह, सरोज चौधरी, माया जोशी, हीरा नेगी, नीमा बिरोड़िया आदि थे।
द्वाराहाट में ब्लॉक अध्यक्ष ललिता मठपाल, विमला आर्या, आशा कांडपाल, आशा रौतेला, उमा पंत, लीला बिष्ट, चंपा अधिकारी, बसंती देवी, लीला देवी, पुष्पा, गीता, बसंती, ऊषा, कमला, गंगा देवी, आशा मेहरा आदि रहे।