अल्मोड़ा। कैंची मंदिर में मेले के चलते दूसरे दिन भी रूट डायवर्ट होने और वीकेंड पर ग्रामीण रूटों पर वाहनों की सीमित आवाजाही से उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की परीक्षा देने आए परीक्षार्थियों और यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। बसों में सीट पाने के लिए यात्रियों में मारामारी रही। जैसे ही स्टेशन पर बस पहुंची यात्री पहले सीट पाने के लिए टूट पड़े।
नैनीताल जिले के कैंची धाम मंदिर के स्थापना दिवस और मेले के चलते रूट डायवर्ट प्लान दूसरे दिन भी लागू रहा। रविवार को भी अल्मोड़ा से हल्द्वानी जाने वाली केमू, रोडवेज की बसें और टैक्सी वाया रामगढ़ के रास्ते हल्द्वानी गईं। रामगढ़ के रास्ते आवाजाही से वाहनों को मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग से करीब 50 किमी का अतिरिक्त फेरा (लंबा चक्कर) लगाना पड़ा।
बसों में 50-50 और टैक्सी में 200 रुपये अतिरिक्त किराया होने से यात्रियों की जेब ढीली हुई। वीकेंड होने पर इस रूट पर वाहनों का भारी दबाव रहा। इस कारण कई बार जाम भी लगा।
सप्ताहांत पर सोमेश्वर, स्याल्दे, भिकियासैंण, मौलेखाल आदि ग्रामीण रूटों पर वाहनों का सीमित संचालन हुआ। इस कारण यूकेएसएसएससी परीक्षार्थियों और यात्रियों को वाहनों के लिए भटकना पड़ा। स्टेशन पर यात्रियों को वाहनों का इंतजार करना पड़ा। जैसे ही बस स्टेशन पर पहुंची तो यात्री और परीक्षार्थी पहले सीट पाने के लिए टूट पड़े। बस के भीतर जाने के लिए यात्रियों में धक्का-मुक्की भी हुई।
बोले यात्री
रामगढ़ के रास्ते आने-जाने में परेशानी हो रही है। क्योंकि मार्ग में लंबा जाम लग रहा है। इससे निर्धारित समय पर गंतव्य पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे लोगों के जरूरी काम नहीं हो पा रहे हैं। जिससे दिक्कतें हो रही हैं। - गीतिका भट्ट, अल्मोड़ा
- मौलेखाल जाने के लिए वाहन नहीं मिल रहा है। परीक्षा छूटी तो अब वाहनों के लिए स्टेशन पर भटकना पड़ रहा है। स्टेशन पर आधा घंटा इंतजार करते हुए हो गया है लेकिन वाहन अब तक नहीं मिला है। इससे दिक्कतें हो रही हैं। - रोहित शर्मा, अल्मोड़ा