मौलेखाल की महाहोली में रंगारंग कार्यक्रम पेश करते कलाकार।
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रंग पड़ने के साथ ही प्रयास सेवा संस्था की ओर से सल्ट की महाहोली शशिखाल स्थित ब्याखुली पड़ो सेवाधाम से शुरू हो गई है। रविवार को होली मौलेखाल होते हुए शशिखाल, हिनौला, झड़गांव, मरचूला, सांकर, मोहान, रामनगर आदि स्थानों पर पहुंची। होली में शामिल होल्यारों ने खड़ी होली गायन किया। होल्यारों के साथ चल रही कलाकारों की टीम ने कुमाऊंनी और गढ़वाली लोक संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए।
होल्यारों ने कौन सुहागिन मैतू चली है कौन गए पहुंचाने हरि गौरा सुहागिन मैत चली है शंभू गए पहुंचाने हरि..., धन्य हो सुदामा तुमरी तपस्या त्रिलोकी दर्शन पायो हरि जहां सुदामा कि कांस की कुटिया कंचन महल बनायो हरि... आदि खड़ी होली का गायन किया। होल्यारों को जगह-जगह गुजिया, आलू के गुटके आदि परोसे गए। महाहोली सल्ट और रामनगर में विभिन्न स्थानों पर जाएगी।
21 मार्च को ब्याखुली पड़ो सेवा धाम में होली मिलन कार्यक्रम के साथ होली का समापन होगा। आयोजक पूर्व विधायक रणजीत रावत ने बताया कि कुमाऊंनी संस्कृति के संरक्षण के लिए संस्था पिछले 15 सालों से सल्ट में महाहोली और अन्य कार्यक्रम आयोजित करते आ रही है। होली गायकों में संस्था के सचिव शंकर दत्त शर्मा, महेंद्र रावत, शोबन सिंह बोरा, बलवीर रावत, प्रेम सिंह, जगत सिंह, प्रहलाद सिंह, विक्रम रावत, त्रिलोक सिंह आदि शामिल थे।