नंदादेवी मेले में कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार।
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नंदादेवी मंदिर अल्मोड़ा में चल रहे आठ दिवसीय नंदा देवी मेले में रंगारंग कार्यक्रमों की धूम मची है। नवमी पर भक्तों ने माता नंदा-सुनंदा के चरणों में शीश झुकाया। मंदिर में पूजा के लिए सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। इससे पूर्व सोमवार की रात्रि चंद राज वंशज पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा तथा राज परिवार के लोगों ने मंदिर में नंदाष्टमी की पूजा की। हवन और यज्ञ कर सुख शांति की कामना की गई।
मेले में आवासीय विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने कुमाऊंनी नृत्य और नशा मुक्ति पर आधारित नाटक की प्रस्तुति दी। सेराघाट से पहुंचे गोविंद सिंह बिष्ट रीठागाड़ी की टीम ने कुमाऊंनी नृत्य प्रस्तुत किया। देवभूमि मां शारदे लोक कला समिति के कलाकारों ने कुमाऊंनी और नेपाली नृत्य पेश कर लोगों की वाहवाही बटोरी।
समिति के कलाकारों ने मोहना त्यर देशे की उडन चड़ि उ मैके समझनू ओनी..कुमाऊंनी झोड़ा गाया। समिति के निदेशक और लोक गायक गोपाल सिंह चम्याल ने ब्वारी लछिमा धन तेरो मिजाता ब्वारी लछिमा..., पाना पनुली चकोरा त्वीले धारो बोला... गीत प्रस्तुत कर समा बांधा।
मंगलवार को दिन में कुमाऊंनी और हिंदी गायन प्रतियोगिता हुई। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने कुमाऊंनी और हिंदी में गीत गाकर प्रतिभा दिखाई। दृष्टिबाधित नेहा आगरी ने भी गायन प्रतियोगिता में गीत गाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संचालन तारा चंद्र जोशी और दिव्यांशी जोशी ने किया। इस दौरान मंदिर समिति के अध्यक्ष मनोज वर्मा, मनोज सनवाल, दिनेश गोयल, एलके पंत, धन सिंह मेहता, अनूप साह, नरेंद्र वर्मा, किशन गुरुरानी सहित समिति के अन्य लोग व्यवस्थाओं में लगे रहे।