फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मक्का उत्पादक राज्यों में लिए समस्या बना फॉल आर्मी वर्म कीट

विज्ञापन
विज्ञापन
अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की ओर से जूम एप के जरिए फॉल आर्मी वर्म: लक्षण, पहचान और प्रबंधन विषय पर आयोजित प्रशिक्षण में संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मीकांत ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने मक्का की फसल में फॉल आर्मी वर्म कीट से होने वाले नुकसान और इसकी आर्थिक महत्ता पर प्रकाश डाला।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में वर्ष 2019 से यह कीट एक प्रमुख हानिकारक कीट का रूप ले चुका है। उन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न प्रबंधन नीतियों को अपनाकर अधिक उपज लेने की सलाह दी। डॉ. जेके बिष्ट ने संस्थान के इतिहास, शोध उपलब्धियों और गतिविधियों के विषय में जानकारी दी। डॉ. आरके खुल्बे ने भारतीय हिमालयी क्षेत्रों में मक्का फसल की उत्पादन परिदृश्य विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने मक्का फसल का अवलोकन, उत्पादन स्थिति और इसके जैविक कारकों की जानकारी दी। उत्तर पूर्वी राज्यों में लोकप्रिय संस्थान की प्रजातियों का भी उन्होंने संक्षिप्त परिचय दिया। डॉ. ए आरएनएस सुब्बन्ना ने फॉल आर्मी वर्म कीट के लक्षण और पहचान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत के सभी मक्का उत्पादक राज्यों में यह कीट एक प्रमुख बाधा बन चुका है। डॉ. अमित पश्चापुर ने फाल आर्मी वर्म के लिए प्रबंधन नीतियां विषय पर अपना प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने समेकित कीट प्रबंधन पर बल दिया। उन्होंने इस कीट के प्रबंधन के लिए विभिन्न उपलब्ध रणनीतियों पर चर्चा की। प्रस्तुतीकरण के उपरांत, पारस्परिक विचार विमर्श सत्र का आयोजित किया गया। जिसमें प्रतिभागियो के सवालों विशेषज्ञों ने जवाब देकर समाधान किया। डॉ. केके मिश्रा ने सभी का आभार जताया। जूम एप द्वारा उत्तर पूर्वी हिमालयी क्षेत्र के मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, असम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम एवं त्रिपुरा समेत विभिन्न राज्यों के 50 से भी अधिक संस्थानों के वैज्ञानिक, विभिन्न राज्य कृषि विभाग के कर्मचारी, कृषि विज्ञान केंद्र के विषय विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें