अल्मोड़ा। पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले में पशु टीकाकरण का कार्यक्रम अगस्त से शुरू होगा। विभाग का जिले में 2.20 लाख गाय और भैंसों का टीकाकरण का लक्ष्य है। टीकाकरण से पूर्व विभाग पशुओं के कान में टैग भी लगाएगा।
लॉकडाउन के कारण जिले में पशु टीकाकरण का कार्यक्रम भी प्रभावित हुआ है। अनलॉक शुरू होने के बाद विभाग अब गाय और भैंसों को खुरपका और मुंहपका बीमारी से बचाने के लिए टीकाकरण करेगा। टीकाकरण का अभियान की शुरुआत जिले में अगस्त से होगी।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी राजीव चंद्रा ने बताया कि चार माह से बड़ी उम्र की गाय और भैंस की टीकाकरण किया जाना है। इसके लिए पहले जानवरों के कान में टैग लगाकर पंजीकरण किया जाएगा। पशुपालकों को अपने गाय और भैंसों के कान में टैग लगाना अनिवार्य होगा। टैग लगे मवेशियों का ही विभाग की ओर से टीकाकरण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिले में गाय और भैंसों की संख्या करीब 2.20 लाख है। टैगिंग के कार्य के लिए विभागीय कार्मिकों समेत करीब दो सौ कार्मिक लगाए जाएंगे। टैगिंग के बाद पशुधन प्रसार अधिकारी समेत विभाग के अन्य विशेषज्ञ कार्मिक पशुओं का टीकाकरण करेंगे। उन्होंने सभी पशुपालकों से अपने गाय और भैंसों के कान में टैग लगाने में कार्मिकों को सहयोग करने को कहा है, ताकि जिले में पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम को सफल बनाया जा सके।