सरकारी कर्मचारी घोषित करने समेत नौ सूत्री मांगों को लेकर राष्ट्रीय आह्वान पर उत्तरांचल आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला और गांधी पार्क में धरना दिया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि सरकारी कर्मचारी घोषित होने तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 18 हजार और सहायिका को नौ हजार रुपये प्रतिमाह न्यूनतम वेतन मिलना चाहिए।
विभिन्न क्षेत्रों से आईं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं यहां रोडवेज परिसर में एकत्र हुईं। यहां से नारेबाजी करते हुए चौघानपाटा गांधी पार्क तक जलुसू निकाला और गांधी पार्क में धरना दिया और सभा की। वक्ताओं ने कहा कि मिनी आंगनबाड़ी केंद्र में तैनात कार्यकर्ताओं को आंगनबाड़ी केंद्र के बराबर वेतन मिलना चाहिए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का पीएफ काटा जाए। पेंशन, ग्रेच्युटी, चिकित्सा सुविधा और मासिक रिपोर्ट ऑनलाइन भेजने का खर्चा भी मिले।
उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के लिए आयु सीमा हटाते हुए वरीयता के आधार पर शत-प्रतिशत पदोन्नति देने की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पंद्रह वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली है, उन्हें वरिष्ठ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, वरिष्ठ आंगनबाड़ी सहायक का पदनाम दिया जाए। उसी के अनुसार मानदेय में भी बढ़ोतरी हो। पोषाहार और मानदेय की धनराशि का प्रतिमाह भुगतान हो। दुर्गम और कठिन क्षेत्रों में तैनात कार्यकर्ताओं को अलग से भत्ता भी मिलना चाहिए।
चेताया कि यदि मांगों पर सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन तेज किया जाएगा। जुलूस और धरने पर प्रदेश अध्यक्ष प्रभा फर्त्याल, जिला मंत्री ममता बिष्ट, कमला तिवारी, बीना भट्ट, पुष्पा बिष्ट, चंपा बिष्ट, जानकी बिष्ट, विमला सत्यवली, संगीता साह, मनोरमा, हंसी, कविता, गीता, नंदी, लक्ष्मी, भगवती बिष्ट, सरिता, कविता, पुष्पा, प्रतिमा, नाता गोस्वामी, पुष्पा, तुलसी, बीमा, सरस्वती, गीता, दुर्गा, प्रेमा, मोहनी बिष्ट आदि ने भाग लिया।