अल्मोड़ा में पांच सौ रुपए का पेट्रोल भराने पर पंप कर्मी उसका मोबाइल फोन नंबर रजिस्ट्रर में दर्ज करता हुआ।
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देश भर में पांच सौ और हजार रुपए के नोटों से लेने-देन बंद होने का असर जिले में व्यापक रूप में देखने को मिला। व्यापारियों, टैक्सी संचालकों के पास भी छोटी करेंसी नहीं होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। 500 और हजार के नोट बंद होने की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण इलाकों से काफी कम लोग खरीददारी को पहुंचे। इस कारण बुधवार को करीब 60 प्रतिशत व्यापार प्रभावित हुआ। हालांकि अधिकांश दुकानदारों ने अपने रोज के ग्राहकों को निराश नहीं किया और बड़े नोट होने के बावजूद सामान उपलब्ध कराया। अस्पतालों में भी छोटे नोट नहीं होने के कारण कई रोगियों को बगैर इलाज के वापस लौटना पड़ा है, जबकि पैट्रोल पंपों में सुबह से भारी भीड़ रही।
मंगलवार आधी रात से 500 और हजार के नोट बंद होने से लोगों को समस्याओं से दो चार होना पड़ा है। साग भाजी समेत छोटी-मोटी जरूरत की चीजें लेने को भी लोगों को छोटे नोट नहीं होने के कारण काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। ग्राहकों के पास बड़ा नोट होने की वजह से बाजार में अधिकांश व्यापारी छुट्टा नहीं होने की वजह से कतराते दिखे, जिससे बाजार में व्यापार काफी प्रभावित रहा। नगर व्यापार मंडल महासचिव मनोज पवार ने केंद्र सरकार के कदम की सराहना तो की, लेकिन यह भी कहा कि बुधवार को व्यापार काफी प्रभावित हुआ है।
अधिकांश ग्राहक पांच सौ और हजार के बड़ी करेंसी से सामान खरीदने पहुंचे, लेकिन व्यापारियों के पास उन्हें लौटाने के लिए छोटी करेंसी उपलब्ध नहीं थी जिससे अधिकतर व्यापारियों को खासा नुकसान उठाना पड़ा है। जिला व्यापार मंडल अध्यक्ष श्याम लाल साह के मुताबिक बुधवार को जिले में करीब 60 प्रतिशत कारोबार प्रभावित रहा। हालांकि सभी लोगों ने यह भी कहा कि मोदी सरकार की पहल काफी सराहनीय है लेकिन उपभोक्ता द्वारा बड़े नोट लाने और व्यापारी के पास छोटी करेंसी नहीं होने से व्यापारियों को खासा नुकसान उठाना पड़ा है।