अल्मोड़ा। नगर की लाइफ लाइन मुख्य मॉल रोड के दिन अब बहुरने लगे हैं। लंबे समय से गड्ढों और उखड़े डामर की मार झेल रही इस प्रमुख सड़क पर आखिरकार डामरीकरण का कार्य शुरू हो गया है। इस पैचवर्क और डामरीकरण से न केवल वाहनों की आवाजाही सुगम होगी बल्कि माल रोड पर पैदल चलने वाले हजारों लोगों का सफर भी आसान और सुरक्षित हो जाएगा।
बीते लंबे समय से माॅल रोड में कई स्थानों पर डामर पूरी तरह उखड़ चुका था, जिससे सड़क पर गहरे गड्ढे बन गए थे। स्थिति यह थी कि थोड़ी सी बारिश होते ही इन गड्ढों में गंदा पानी भर जाता था, जिससे पूरी सड़क तालाब जैसी नजर आने लगती थी। इस दौरान सबसे ज्यादा फजीहत पैदल चलने वाले राहगीरों की होती थी। जब भी इन गड्ढों से कोई तेज रफ्तार वाहन गुजरता तो गंदे पानी के छीटें सीधे सड़क किनारे चल रहे स्कूली बच्चों और आम नागरिकों पर पड़ते थे।
इससे बच्चों के यूनीफॉर्म और लोगों के कपड़े खराब हो जाते थे। मॉल रोड की इस खस्ताहाली का खामियाजा सबसे ज्यादा बीमार लोगों और बुजुर्गों को उठाना पड़ रहा था। गंभीर हालत में अस्पताल लाए जा रहे मरीजों को ले जाने वाले वाहन जब इन गड्ढों के ऊपर से गुजरते थे तो गाड़ी के हिचकोले खाने से मरीजों को असहनीय झटके लगते थे। इस सुधारीकरण कार्य से स्थानीय जनता, व्यापारियों सहित बाहरी क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों ने राहत की सांस ली है।
कोट
मॉलरोड पर डामरीकरण का कार्य पूरी गति और गुणवत्ता के साथ शुरू कर दिया गया है। कार्य के दौरान स्थानीय लोगों और बाहरी यात्रियों को यातायात में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है। हमारा प्रयास सड़क को जल्द से जल्द सुरक्षित और सुगम बनाना है।
- हर्षित गुप्ता, अधिशासी अभियंता लोनिवि प्रांतीय खंड अल्मोड़ा
मॉल रोड पर डामरीकरण कांग्रेस ने बताई जीत
अल्मोड़ा। नगर की मुख्य मॉल रोड पर डामरीकरण का कार्य शुरू होने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे जनता और कांग्रेस के लगातार संघर्ष की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उठाई जा रही मांग पर आखिरकार शासन-प्रशासन को जागना ही पड़ा।
कांग्रेस के नगर महामंत्री वैभव पांडे ने प्रेस को जारी बयान में कहा है कि उनका यह आंदोलन केवल माॅल रोड तक सीमित नहीं था। जेल रोड और धारानौला रोड की स्थिति भी बदहाल है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक शहर की इन अन्य प्रमुख सड़कों पर भी डामरीकरण का कार्य शुरू नहीं किया जाता तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा। अल्मोड़ा की जनता के हक के लिए आवश्यकता पड़ने पर दोबारा उग्र धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संवाद