अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया थाना क्षेत्र में ग्राम वेतनधार निवासी राकेश जोशी की हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने पड़ोस के गांव राजा बसकन्या निवासी खीम सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में प्रयुक्त पत्थर और मृतक का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। डीआईजी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने पुलिस टीम को दस हजार और एसएसपी ने पांच हजार रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है।
ग्राम वेतनधार निवासी राकेश जोशी का शव बीती 24 अगस्त को सड़क किनारे खून से लथपथ बरामद हुआ था। परिजनों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। घटनाक्रम का खुलासा करने के लिए पुलिस पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा था। कई दिन तक लोग कभी थाने में तो कभी सड़क पर उतरकर हत्याकांड का खुलासा करने की मांग करते रहे। एसएसपी देवेंद्र सिंह ने खुलासा करने के लिए सीओ विमल प्रसाद के नेतृत्व में चार थानों की पुलिस के साथ ही एसओजी को भी लगाया था।
मंगलवार को घटना का खुलासा करते हुए एसएसपी ने बताया कि विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर प्रकाश में आया कि राकेश की हत्या ग्राम गाजा बसकन्या निवासी खेम सिंह पुत्र प्रताप सिंह ने की। उस रात खेम सिंह जब अपने घर आया तो राकेश जोशी उसके बेड पर सोया हुआ था और उसके कमरे का सामान बिखरा पड़ा था। राकेश को उठाने का प्रयास किया तो दोनों में मारपीट हो गई। इस बीच खीम सिंह बाहर से पत्थर उठा लाया और राकेश पर कई वार कर दिया जिससे वह घायल हो गया। वह बाहर जाकर सिर पकड़कर बैठ गया। खीम सिंह ने फिर कई वार किए जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने उसका शव सड़क किनारे फेंक दिया।
एसएसपी ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर फेंका गया मृतक का मोबाइल फोन और हत्या में प्रयुक्त किया गया पत्थर भी बरामद कर लिया गया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस ने खंगाले 60 से अधिक सीसीटीवी- लोगों के गले नहीं उतर रही हत्या की वजह
चौखुटिया थाना क्षेत्र के राकेश जोशी हत्याकांड का खुलासा करने में पुलिस को लंबी दौड़ लगानी पड़ी। पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर में कोई गवाह भी नहीं था, न किसी पर आरोप था। शुरुआत में इस बात का ही खुलासा नहीं हुआ था कि यह हत्या है या हादसा।
परिजनों और क्षेत्रवासियों ने जब दबाव बनाया तो पुलिस ने मुकदमा हत्या में ही दर्ज किया। पड़ताल में पुलिस ने 60 से ज्यादा सीसीटीवी खंगाले और 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की।
पुलिस सूत्रों की मानें तो एक अनजान व्यक्ति ने पुलिस के लिए रोशनी का काम किया। क्षेत्र के एक व्यक्ति ने फोन कर उन्हें अहम सुराग दिया कि यह हादसा नहीं हत्या है और फिर यहीं से पुलिस धीरे-धीरे लाइन पकड़कर आरोपी खीम सिंह तक पहुंच गई। हालांकि इस बात पर अभी भी सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस हत्या का वास्तविक कारण नहीं बता रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा ने बताया कि अभी तक की पड़ताल में केवल यह बात ही सामने आई है कि मृतक राकेश जोशी जबरन आरोपी के घर में घुस गया था जिसे निकालने के लिए झगड़ा हुआ और हत्या कर दी गई, लेकिन अगर कोई और तथ्य भी सामने आएगा तो पुलिस उसे भी इसमें शामिल करेगी।