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अजब-गजब : मशीनिस्ट फिटर को कर रहे ट्रेंड

Tue, 03 Jan 2017 11:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
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अल्मोड़ा का आईटीआई बदहाल - फोटो : अमर उजाला
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अल्मोड़ा। सरकारें तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देकर अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के दावे कर रही है, लेकिन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में संसाधनों का अभाव है। जिला मुख्यालय में पं. जनार्दन जोशी राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में पिछले वर्ष फिटर, फैशन टेक्नोलॉजी, मशीनिस्ट ट्रेड खुले, लेकिन फिटर, फैशन टेक्नोलॉजी अनुदेशक के पद खाली हैं।
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इन तीनों ट्रेडों की प्रयोगशाला भी स्थापित नहीं हो सकी है। मशीनिस्ट अनुदेशक फिटर ट्रेड और स्विंग टेक्नोलॉजी अनुदेशक फैशन टेक्नोलॉजी ट्रेड के प्रशिक्षणार्थियों को पढ़ा रहे हैं। जिलाधीश और पुंछ रियासत जम्मू-कश्मीर के वजीर रहे पं. जनार्दन जोशी की स्मृति में उनकी पत्नी जयसुंदरी देवी ने 1947 में 50 हजार रुपए दान देकर पं. जनार्दन जोशी राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना करवाई।

उत्तर प्रदेश के समय से यहां इलेक्ट्रीशियन, स्विंग टेक्नोलॉजी, वूलन वीविंग, कारपेंटर, वॉच मेकिंग ट्रेड संचालित हो रहे थे, लेकिन कुछ साल पहले नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (एनसीवीटी) ने वूलन वीविंग, वॉच मेकिंग और कारपेंटर ट्रेड बंद कर दिए। कारपेंटर और वाच मेकिंग के अनुदेशक यूपी कैडर के होने के कारण उप्र चले गए।
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2016 में संस्थान में फिटर, मशीनिस्ट, फैशन टेक्नोलॉजी नए ट्रेड खुले। नए खुले मशीनिस्ट ट्रेड में अनुदेशक तैनात है, जबकि  फिटर और फैशन टेक्नोलॉजी ट्रेड में अनुदेशक नहीं हैं। मशीनिस्ट अनुदेशक फिटर ट्रेड और स्विंग टेक्नोलॉजी अनुदेशक ही फैशन टेक्नोलॉजी ट्रेड के प्रशिक्षणार्थियों को पढ़ा रहे हैं। नवसृजित ट्रेडों की अब तक प्रयोगशाला भी स्थापित नहीं हो सकी है। इस कारण प्रशिक्षणार्थियों के प्रशिक्षण पर असर पड़ना स्वाभाविक है। कार्यशाला परिचर और माली कम चौकीदार का पद भी खाली है।

अल्मोड़ा। पं. जनार्दन जोशी आईटीआई ब्राइटन कॉर्नर में जंगल से लगा हुआ है। बंदरों से प्रशिक्षणार्थियों को खतरा बना रहता है, कई बार तो बंदर कक्षों के भीतर तक घुस आते हैं। स्वतंत्रता के बाद से अब तक सरकारें संस्थान की चहारदीवारी भी नहीं बना सकी हैं।  संस्थान का पूरा परिसर खुला है। संस्थान परिसर की चहारदीवारी बनानी जरूरी है।
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