रविवार को साप्ताहिक बंदी के दौरान जिला और नगर व्यापार मंडल ने शहर के पटाल बाजार में फड़ नहीं लगने दिए। इस दौरान व्यापार मंडल पदाधिकारियों और फड़ व्यवसायियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। व्यापार मंडल के विरोध के चलते फड़ व्यवसायी रविवार को बाजार में फड़ नहीं लगा पाए। इधर फड़ व्यवसायियों ने दुर्व्यवहार और कथित मारपीट करने का आरोप भी व्यापारियों पर लगाया है। फड़ व्यवसायियों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर सुरक्षा की गुहार लगाते हुए रविवार को फड़ लगाने की अनुमति देने की मांग की है।
मालूम हो कि अल्मोड़ा में रविवार को बाजार की साप्ताहिक बंदी रहती है और फड़ व्यवसायी पिछले कई वर्षों से बाजार में फड़ लगाकर रोजी-रोटी कमाते हैं। गत दिनों जिला और नगर व्यापार मंडल ने रविवार को फड़ नहीं लगाने देने का ऐलान किया था। रविवार सुबह जिला और नगर व्यापार मंडल के बैनर तले पदाधिकारियों और व्यापारियों ने बाजार में फड़ नहीं लगाने को लेकर बाजार में अभियान चलाया। इस दौरान व्यापारियों की फड़ व्यवसायियों से तीखी नोंकझोंक भी हुई। फड़ व्यवसायी मो. नाजिम समेत तीन फड़ व्यवसायियों ने उनके साथ कथित मारपीट करने का भी आरोप लगाया है, जबकि व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
व्यापार मंडल का कहना है कि व्यापारी बिक्री कर चुकाने के बावजूद रोटी-रोटी को तरस रहे हैं, जबकि फड़ व्यवसायी बिना टैक्स दिए संदिग्ध रूप से अपना सामान बिक्री करते हैं। अभियान में व्यापार मडंल जिलाध्यक्ष हरेंद्र वर्मा, नगर अध्यक्ष भैरव गोस्वामी, महासचिव मनीष जोशी, नगर सचिव मनोज पंवार, दीपक वर्मा, दीपेश जोशी, विजय भट्ट, वकुल साह, अमित साह, दीप डांगी, सुशील साह, अजीत कार्की, शहजाद कश्मीरी, पवन शौर्य साह, पवन वर्मा, बलवंत राणा आदि शामिल थे।
इधर फड़ व्यवसायियों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दिए पत्र में कहा है कि वह अल्मोड़ा नगर के निवासी हैं, पिछले आठ से दस साल से अल्मोड़ा बाजार में फड़ लगाकर परिवार का पालन पोषण करते हैं। व्यापार मंडल द्वारा साप्ताहिक बंदी रविवार को उन्हें बाजार में फड़ नहीं लगाने दिए गए। शिकायत की कि इस दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। उन्होंने सुरक्षा की गुहार लगाते हुए समस्या के समाधान की मांग उठाई है। पत्र देने वालों में मो. मुनीर अंसारी, मो. नाजिम अंसरी, मो. रहमान, जैव अंसारी, परवेज अंसारी, मुन्नू, नाजिम आदि शामिल हैं।