पेट्रोल और डीजल की किल्लत अब भी बनी है। बुधवार को नगर के पांचों पंपों में दोपहर तक तेल नहीं था। तेल नहीं मिलने से वाहन चालक परेशान रहे। कई पर्यटकों के वाहनों को भी तेल नहीं मिल पाया। तेल के अभाव में कई रूटों पर टैक्सियां भी कम चलीं। हालांकि शाम के वक्त एक पंप में डीजल पहुंचा।
क्षेत्र में एक पखवाड़े से पेट्रोल और डीजल की किल्लत चल रही है। पंपों को मांग के अनुसार तेल की सप्लाई नहीं मिल रही है। तेल का टैंकर पहुंचते ही पंपों में वाहनों की लाइन लग जा रही हैं। इससे सड़क में अक्सर जाम भी लग रहा है। तेल बांटने और यातायात को व्यवस्थित करने को पुलिस कर्मियों को तैनात करना पड़ रहा है।
बुधवार को धारानौला, मालरोड, पांडेखोला स्थित पांचों पंपों में तेल नहीं मिला। पंप संचालकों ने आवश्यक सेवाओं के लिए जारी परमिट पर रिर्जव स्टॉक में जमा तेल वाहनों में डाला। तेल की किल्लत को लेकर वाहन चालकों के साथ ही यात्रियों की दिक्कतें भी बढ़ गई हैं।
पंपों में तेल नहीं मिलने से जहां कई रूटों में टैक्सियां कम चली वहीं पर्यटक वाहनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग पंपों से तेल लेकर जमाखोरी कर रहे हैं और फिर चालकों को अधिक दाम में तेल बेच कर मुनाफा कमा रहे हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी टीएन उपाध्याय ने बताया कि डिपो से तेल की आपूर्ति नहीं होने से पेट्रोल और डीजल की कमी हो रही है। उन्होंने पंप संचालकों को फिलहाल निर्धारित मात्रा में ही तेल देने का निर्देश दिया है।
डीएसओ ने बताया कि बस और ट्रक आदि भारी वाहनों के लिए 40 लीटर, हल्के वाहन आदि को 15 लीटर, पेट्रोल कारों को 12 और दुपहिया वाहनों को मात्र चार लीटर तेल बांटने की व्यवस्था तय की गई है। गेलन आदि बर्तनों में भी बगैर एसडीएम अथवा डीएसओ की संस्तुति के तेल नहीं दिया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि तेल की जमाखोरी करने वालों पर नजर रखी जा रही है। पकड़े जाने वालों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इधर जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन ने बताया कि आगामी दो-तीन दिनों में स्थिति सामान्य हो जाने की उम्मीद है।