रानीखेत (अल्मोड़ा)। तहसील रानीखेत के पांडेकोटा में 20 दिसंबर को हुई ग्राम पंचायत की खुली बैठक के दौरान पंचायत रजिस्टर में प्रस्तावित कार्यों को दर्ज किए बिना ही ग्रामीणों से उपस्थिति हस्ताक्षर कराने का मामला सामने आया है।
पांडेकोटा निवासी देवी दत्त बिष्ट ने बताया कि बीते 20 दिसंबर को ग्राम प्रधान लीला देवी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ग्रामवासियों के स्वीकृत कार्यों के प्रस्ताव पंचायत रजिस्टर में दर्ज नहीं किए गए। प्रस्ताव एक रफ कागज में लिखे गए। प्रस्ताव रजिस्टर में ग्रामीणों से उपस्थिति हस्ताक्षर कराए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि राशन कार्ड सत्यापन और परिवार विभाजन से जुड़े विषयों पर भी चर्चा नहीं की गई।
लगभग दो वर्ष बाद हुई बैठक को मात्र डेढ़ घंटे में समाप्त कर दिया। उन्होंने 20 दिसंबर की बैठक में लिखे प्रस्तावों को निरस्त करने और फिर से खुली बैठक कर नए प्रस्ताव को रजिस्टर में दर्ज करने के हस्ताक्षर और प्रधान सचिव की मोहर के साथ ही कार्रवाई करने की मांग की है। संवाद
कोट -
संयुक्त मजिस्ट्रेट के आदेश के क्रम में पूरे मामले को संज्ञान में लिया गया। 28 जनवरी को ग्रामसभा की खुली बैठक फिर आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी प्रस्तावों को नियमानुसार पंचायत रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा और पूरी कार्यवाही पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित की जाएगी।- तारा चंद्र, खंड विकास अधिकारी ताड़ीखेत