हितचिंतक भवन परिसर और ऐतिहासिक स्याल्दे बिखोती मेला स्थल से अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर आंदोलनकारी 19वें दिन भी धरने पर डटे रहे। सुबह नगर पंचायत का मुख्य गेट बंद करने के बाद आंदोलनकारियों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। तय हुआ कि हाईकोर्ट के खुलते ही मेला समिति भी याचिका दायर करेगी। आंदोलन को उग्र बनाने के लिए जनजागरण कार्य भी शुरू कर दिया गया है। मेले का प्रतिनिधित्व करने वाले ऑल, नौज्यूला और गरख धड़ों के मुखिया, थोकदारों से भी आंदोलन के लिए सहयोग मांगा गया।
नगर पंचायत कार्यालय के मुख्य गेट को बंद करने के बाद आंदोलनकारियों ने नगर पंचायत कार्यालय में ही धरना शुरू कर दिया। वक्ताओं ने कहा कि 19 दिन से आंदोलन चल रहा है लेकिन शासन प्रशासन उदासीन बना है। सभा में ऑल, नौज्यूला और गरख तीनों धड़ों से सहयोग मांगा गया। तय हुआ कि 23 फरवरी को हाईकोर्ट खुलने पर मेला समिति भी याचिका दायर करेगी। असगोली के क्षेत्र पंचायत सदस्य हरी सिंह अधिकारी, नरेंद्र अधिकारी, प्रधान हिम्मत सिंह, भुवन चौधरी, लक्षमण किरौला, जगदीश बुधानी, प्रीत पाल सिंह, किशोरी लाल सहित भारी संख्या में नागरिकों ने धरना दिया।