शहर से लगी तेइस ग्राम पंचायतों को पालिका में मिलाए जाने के खिलाफ ग्रामीण बारी-बारी से गांधी पार्क में धरना दे रहे है। सोमवार को ग्राम पंचायत सरकार की आली के ग्रामीण धरने पर बैठे। धरना स्थल पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक और विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने ग्रामीणों की समस्या सुनीं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांग से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया है।
सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जन भावनाओं के खिलाफ गांवों को पालिका में शामिल कर रही है। सरकार ग्रामीण जनता के हक हकूकों को समाप्त कर देना चाहती है और गांवों को आर्थिक रूप से गुलाम बनाने की साजिश की जा रही है। इस निर्णय से त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था भी ध्वस्त हो जाएगी। ग्रामीण जनता के सामने रोजी-रोटी का संकट भी पैदा हो जाएगा। पालिका में शामिल करने से गांवों में वन पंचायत, नौले, धारे, गोचर, पनघट, खेत खलिहान पर भी संकट आ जाएगा।
बाद में धरना स्थल पर पहुंचे विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने कहा कि वह इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से वार्ता कर ग्रामीणों की समस्याओं से अवगत करा चुके हैं। संचालन क्षेत्र पंचायत सदस्य आनंद सिंह कनवाल ने किया। सभा और धरने पर ब्लॉक प्रमुख सूरज सिराड़ी, ज्येष्ठ उप प्रमुख महेश चंद्र, भाजपा जिलाध्यक्ष ललित लटवाल, खत्याड़ी के प्रधान हरीश कनवाल, योगेंद्र नयाल, राजेंद्र बाराकोटी, डीके जार्या, हीरा सिंह महरा, महेश परिहार, कमलेश पांडे, हरीदत्त जोशी, गणेश पंत, ममता तिवारी, प्रेमा किरमोलिया, पारु उप्रेती, पार्वती बिष्ट, प्रेमा बिष्ट, कमला भट्ट, कला पंत, कमला पंत, पिंकी जोशी, सरस्वती आर्या, मीना भट्ट, भागीरथी देवी, विनीता, चंपा, भूपाल मेहता, गौरीशंकर पांडे, विमला बाराकोटी, सरिता पेटशाली, लीला पंत, हरीराम आर्या आदि ने भाग लिया।