गोविंद सिंह माहरा राजकीय अस्पताल में संचालित निजी दवा की दुकान को आखिरकार प्रशासन ने सील कर दिया है। दुकान को हटाने की मांग को लेकर दवा विक्रेता लंबे समय से धरना दे रहे थे, एक दिन पूर्व अनिश्चितकालीन बंद भी शुरू कर दिया था। इधर बृहस्पतिवार को दवा की दुकान को खाली कराकर उसे सीज कर दिया गया है।
प्रशासन के इस कदम के बाद उत्तरांचल औषधि महासंघ के आह्वान पर दवा विक्रेताओं ने आंदोलन समाप्त कर दिया है। मालूम हो कि राजकीय अस्पताल परिसर में लंबे समय से निजी दवा की दुकान संचालित थी, स्थानीय दवा विक्रेताओं का कहना था कि दुकान अवैध रूप से संचालित हो रही है, टेंडर प्रक्रिया सही तरीके से नहीं अपनाई जा रही है।
या तो इस दुकान में रेडक्रॉस के माध्यम से जन औषधि केंद्र खुले या फिर दुकान को बंद कर दिया जाए। इस मांग को लेकर दवा विक्रेता उत्तरांचल औषधि महासंघ के बैनर तले लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे थे, 12 जुलाई से दवा विक्रेताओं ने अनिश्चितकालीन बंद भी शुरू कर दिया था।
इधर एक दिन पूर्व एसडीएम रजा अब्बास के साथ भी दवा विक्रेताओं की बैठक हुई। बृहस्पतिवार की सुबह जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देश पर तहसीलदार नितेश डांगर के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस टीम ने दुकान खाली कराई और इसे सील कर दिया।
प्रशासन के इस कदम के बाद औषधि महासंघ ने अनिश्चितकालीन बंद को समाप्त कर दिया। इस अवसर पर अस्पताल के सीएमएस डा. डीएस नेई, कोतवाली उपनिरीक्षक सरोज कोहली, राजस्व उपनिरीक्षक सदर महेंद्र सिंह चौड़िया आदि मौजूद थे। महासंघ के अध्यक्ष राजेंद्र पांडे, सचिव हेम बंसल, वीके सती, जगदीश जोशी, भाष्कर कपिल, राजीव डंगरिया, हरीश नैनवाल, आरके बंसल, सुरेंद्र शाह, संदीप चौरसिया आदि ने प्रशासन का आभार भी जताया है।