स्याल्दे (अल्मोड़ा)। जय हनुमान मंदिर समिति एवं व्यापार मंडल बल्मरा की ओर से आयोजित रामलीला मंचन के दूसरे दिन कलाकारों ने आकर्षक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। मंचन में राजा दशरथ के दरबार में महर्षि विश्वामित्र के आगमन, राम-लक्ष्मण को अपने साथ ले जाने, दंडक वन में ताड़का और सुबाहु वध कर ऋषियों को भयमुक्त करने के प्रसंगों का सजीव प्रदर्शन किया गया। क्षेत्र में 35 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद क्षेत्र में रामलीला का आयोजन हो रहा है।
इसके बाद राजा जनक द्वारा सीता स्वयंवर के लिए आमंत्रण भेजने, राम-लक्ष्मण और विश्वामित्र के जनकपुरी प्रस्थान तथा सखियों के साथ माता सीता के गौरी पूजन तक की लीला का मंचन किया गया। कलाकारों के अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा। जगदीश जोशी के निर्देशन में राम की भूमिका योगिता, लक्ष्मण की सरोज, सीता की ख्याति, विश्वामित्र की पूरन भिरकनी, दशरथ की गोविंद बंगारी, ताड़का की राजू बिष्ट, सुबाहु की योगेश तथा मारीच की भूमिका हरीश ने निभाई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान तामाढौन मंगल नाथ और अंबिका देवी रहे।