घिंघारीखाल क्षेत्र में घूमते लावारिश जानवर। अमर उजाला
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। लावारिस जानवरों की संख्या बढ़ने का प्रमुख कारण ग्रामीण क्षेत्रों से छोड़े जा रहे जानवर माने जा रहे हैं। ग्रामीण अनुपयोगी जानवरों को बाजार की तरफ खदेड़ देते हैं और यही जानवर लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। ऐसे ग्रामीणों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अब कैंट बोर्ड प्रशासन की मदद ले रहा है। प्रशासन से हर गांव में संदेश भिजवाने का आग्रह किया जा रहा है यदि जानवरों को छोड़ना बंद नहीं हुआ तो ऐसे ग्रामीणों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
चौबटिया, लालकुर्ती, रानीखेत बाजार, चिलियानौला नगर पालिका क्षेत्र में सैकड़ों की तादात में घूम रहे लावारिस जानवर परेशानी का कारण बनने लगे हैं। अब तक यह जानवर कई लोगों को घायल कर चुके हैं। बीच बाजार में बैठकर जुगाली करते हैं, जिसके चलते नगर की यातायात व्यवस्था आए दिन प्रभावित हो रही है।
इधर कैंट के स्वच्छता निरीक्षक एपी सिंह ने बताया कि जानवरों को लावारिस छोड़ने वाले कई ग्रामीणों को नोटिस तक दे दिए हैं। ग्रामीण जानवरों को लावारिस न छोड़ें इसके लिए अब संयुक्त मजिस्ट्रेट को पत्र लिखा जा रहा है। संयुक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से गांव-गांव में यह संदेश पहुंचाया जा रहा है, यदि इसके बाद भी ग्रामीण नहीं मानते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।