अल्मोड़ा। उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक की अल्मोड़ा शाखा से जाली दस्तावेज के आधार पर 19 लाख रुपये का कर्मचारी ऋण लेने के मामले में पुलिस ने वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी चंपावत जिले के लोहाघाट से की गई है।
कोतवाली पुलिस के अनुसार बैंक शाखा प्रबंधक समीर भटनागर की तहरीर पर 4 नवंबर 2025 को मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया कि एनएच चंपावत में कार्यरत हिमांशु कुमार ने कर्मचारी ऋण योजना के तहत जाली दस्तावेज जमा कर 31 मई 2025 को 19 लाख रुपये की ऋण सीमा स्वीकृत कराई। जांच में सामने आया कि उसने पूर्व में काशीपुर शाखा से भी 18.50 लाख रुपये का ऋण लिया था और बिना शाखा को सूचना दिए वेतन अल्मोड़ा शाखा में स्थानांतरित करा दिया। दोनों शाखाओं के रिकॉर्ड के मिलान में पिता का नाम, आधार, पैन कार्ड, गारंटर से जुड़े दस्तावेज समेत कई अभिलेख फर्जी पाए गए।
आरोप है कि इस कार्य में उसके विभाग के कुछ कर्मचारियों ने भी सहयोग किया। मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना की गई। एसएसपी चंद्रशेखर घोड़के के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत एएसपी हरबंस सिंह के मार्गदर्शन और सीओ बलवंत सिंह रावत के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने 9 जुलाई को हिमांशु कुमार (31) को लोहाघाट से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार हिंमाशु ने फर्जी तरीके से खुद को लोक निर्माण विभाग अल्मोड़ा में बताया था।