उक्रांद की बैठक में मौजूद पदाधिकारी।
- फोटो : अमर उलाला
उत्तराखंड क्रांति दल जिला कमेटी की बैठक में विधानसभा चुनाव की समीक्षा के साथ-साथ उत्तराखंड में पूर्ण शराबबंदी लागू करने और राज्य की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए राज्य में विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन भौगोलिक आधार पर किए जाने की मांग की गई। बैठक में वक्ताओं ने एक अप्रैल से राशन की चीनी बंद किए जाने की निंदा करते हुए कहा कि इससे आम आदमी को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वक्ताओं ने समस्याओं को लेकर आंदोलन चलाने की बात कही।
थपलिया स्थित पार्टी कार्यालय में हुई बैठक में पदाधिकारियों ने जहां चुनाव में दिए समर्थन पर लोगों का आभार जताया वहीं बड़ी पार्टियों द्वारा चुनाव में धन और शराब बांटे जाने को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि इससे सामाजिक वैमनस्यता बढ़ रही है और गांव-गांव में झगड़े हो रहे हैं। वक्ताओं ने राज्य की भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए उत्तराखंड में विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन भौगोलिक आधार पर करने और उत्तराखंड को पिछड़ा क्षेत्र घोषित करने की मांग की। वक्ताओं ने एक अप्रैल से राशन की चीनी बंद किए जाने के सरकार के निर्णय का विरोध करते हुए प्रति यूनिट एक किग्रा चीनी, पांच-पांच किलो गेहूं, चावल, तेल और दलहन भी राशन की दुकानों से उपलब्ध कराने की भी मांग की। इसके अलावा बैठक में उत्तराखंड में पूर्ण शराबबंदी लागू करने और जंगली जानवरों से जानमाल की सुरक्षा की मांग करते हुए इन मुद्दों को लेकर 25 फरवरी को गांधी पार्क में एक दिवसीय धरने का निर्णय लिया गया। बैठक में जिलाध्यक्ष गोपाल सिंह मेहता, ब्रह्मानंद डालाकोटी, गिरीश गोस्वामी, दीवान बनौला, शिवराज बनौला, हरीश जोशी, दिनेश जोशी, कमलेश जोशी, उदय मेहरा, विजय नेगी, चंद्र शेखर जोशी, सचिन तिवारी, कमल डालाकोटी आदि मौजूद थेे।