दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीते दो विधायकों का उत्तराखंड से नाता रहा है। इनमें तिमारपुर सीट से जीते डा. पंकज पुष्कर का अल्मोड़ा जिले के जैंती से नाता रहा है। वह 1999 से 2005 तक राम सिंह धौनी राजकीय महाविद्यालय जैंती में राजनीति शास्त्र के प्रवक्ता रहे। उनके सामाजिक कार्यों को देखते हुए लोग उन्हें ‘सालम पुत्र’ के नाम से पुकारने लगे थे। वहीं, तिलकनगर सीट से जीते जरनैल सिंह किच्छा के निकटवर्ती गांव उत्तमनगर निवासी हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में तिमारपुर विधानसभा से आम आदमी पार्टी (आप) से विधायक चुने गए डा. पंकज पुष्कर का अल्मोड़ा जिले के जैंती से नाता रहा है। वह 1999 से 2005 तक यहां राम सिंह धौनी राजकीय महाविद्यालय जैंती में राजनीतिशास्त्र के प्रवक्ता रहे। शिक्षण कार्य के इतर वह अपना सारा समय सामाजिक कार्यों के लिए देते थे। डा. पंकज जैंती में शराबबंदी आंदोलन से भी जुड़े रहे। नशामुक्त समाज के लिए लोगों को जागरूक करने के साथ वह गरीबों की सेवा और उनकी मदद के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। उनकी लोकप्रियता का ही नतीजा था कि लोग उन्हें ‘सालम पुत्र’ के नाम से पुकारने लगे थे।
2005 में राम सिंह धौनी राजकीय महाविद्यालय जैंती में प्रवक्ता रहने के बाद उनका स्थानांतरण काशीपुर हो गया। कुछ समय यहां रहने के बाद वे दिल्ली चले गए। जैंती के लोग बताते हैं कि डा. पंकज काफी मिलनसार स्वभाव के थे। वह घर-घर जाकर गरीबों की सेवा करते थे। इसी का नतीजा था कि उन्होंने सालम क्षेत्र में काफी कम समय में अपनी पहचान बना ली थी। उनके मित्र जिला पंचायत सदस्य दिनेश कुंजवाल ने बताया कि डा. पंकज कालेज में ड्यूटी करने के बाद अधिकांश समय सामाजिक कार्यों में देते थे। उन्होंने गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया। सालम में सेवाकाल के दौरान उन्होंने सर्वोदयी नेता स्व. केदार सिंह कुंजवाल के साथ गरीबी उन्मूलन, शराबबंदी आंदोलन और नशा मुक्त समाज बनाने के लिए गांव-गांव में जागरूकता फैलाई।