मौलेखाल (अल्मोड़ा)। तड़म के घजीरा क्षेत्र में बृहस्पतिवार सुबह विद्यालय जा रही भोजनमाता सीता देवी के पीछे बाघ करीब 10 मीटर तक नजदीक पहुंच गया। खतरा नजदीक देखकर वह रोने और चिल्लाने लगीं। तभी चीख-पुकार सुनकर पास के घर में मौजूद कुंवर सिंह मदद के लिए दौड़ पड़े। हलचल बढ़ने पर बाघ पलटा और जंगल की ओर लौट गया।
सीता देवी तड़म ग्रामसभा के सतनिया तोक में रहती हैं। वह रोजाना करीब डेढ़ किलोमीटर दूर राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय घजीरा में बच्चों के लिए भोजन बनाने जाती हैं। बृहस्पतिवार सुबह