अल्माेड़ा। जिले के धौलादेवी विकासखंड में जल्द एक करोड पचास लाख रुपये से चाय की फैक्टरी अस्तित्व में आएगी। योजना के मुताबिक यहां आधुनिक मशीनों से सालाना 50 हजार किलो तक एवी टू, टी 78 और बीएसएस 379 चाय तैयार की जाएगी।
उत्पादन के साथ ही अब यहीं चाय की पैकिंजिग भी होगी। इस पहल से एक ओर पत्तियों का दोहन कर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे, वहीं किसान चाय की खेती से जुुड़कर अपनी आर्थिकी को मजबूत बनाएंगे।
चाय विकास बोर्ड वर्तमान में धौलादेवी ब्लॉक में 85 हेक्टेयर भूूमि पर एवी टू, टी 78 और बीएसएस 379 चाय का उत्पादन कर रहा है। लेकिन यहां अब तक चाय की फैक्टरी नहीं होने से चाय की पैकिंजिग के लिए इसे 55 किमी दूर कोसानी स्थित फैक्टरी भेजना पड़ता है। इससे बोर्ड पर वाहन के किराए का अतिरिक्त भार बढ़ रहा है। चाय विकास बोर्ड की पहल पर जल्द यहां एक करोड 50 लाख रुपये से चाय फैक्टरी अस्तित्व में आएगी।
फैक्टरी का निर्माण कार्य 90 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। कार्य पूरा होने के बाद जल्द फैक्टरी में आधुनिक मशीन स्थापित की जाएंगे। योजना के धरातल पर उतरने से यहां हर साल 50 हजार किलो चार तैयार कर उसकी पैकिंग की जाएगी। इसके बाद चाय को मांग के मुताबिक सीधा बाजार तक पहुंचाया जाएगा। इससे चाय फैक्टरी के रूप में धौलादेवी को नई पहचान मिलेगी।
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एवी टू और टी 78 चाय की है खासी मांग
- एवी टू और टी 78 चाय की किस्में ग्रीन टी के लिए उपयुक्त पाई गईं हैं। ऐेसे में देश और विदेशों में भी चाय की इन किस्मों की खासी मांग है। चाय विकास बोर्ड के मुताबिक जिले में फैक्टरी स्थापित होगी तो चाय की इन किस्सों का अधिक उत्पादन किया जाएगा
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161.41 हेक्टेयर में हो रहा उत्पाद
- जिले में वर्तमान में धौलादेवी में 85 हेक्टेयर, ताकुला में 34, चौखुटिया में 6.70, स्याल्दे में 15, हवालबाग में 14.86 और भैसियाछाना में 5.85 हेक्टर में एवी टू, टी 78 और बीएसएस 379 चाय का उत्पाद हो रहा है।
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कोट
- धौलादेवी में जल्द चाय की फैक्टरी का संचालन शुरू होगा। फैक्टरी के निर्माण का कार्य पूरा होते ही यहां आधुनिक मशीनों से चाय तैयार कर उसकी पैकिंग की जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
- अनिल खोलिया, उप निदेशक, उतराखंड टी बोर्ड अल्मोड़ा